हत्या, लूट, डकैती सरीखे आपराधिक मामलों में पकड़ा गया वाराणसी का सुपारी किलर 30 वर्षीय रईस सिद्दीकी वाराणसी से बरेली जेल में शिफ्ट किए जाने के दौरान शुक्रवार तड़के करीब चार बजे शाहजहांपुर से पहले रोजा ओवरब्रिज पर पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला। ओवरब्रिज पर उस समय ट्रैफिक जाम था और उसी दौरान उसने लघुशंका करने की अनुमति चाही, तो प्रिजन वैन से उसे उतारकर एक सिपाही सड़क किनारे ले गया। वहां वह अर्धनिद्रा की स्थिति में हथकड़ी का रस्सा पकड़े सिपाही को धक्का देकर रेलवे स्टेशन की साइडिंग में अंधेरे में भाग निकला। अभिरक्षा में ले जा रही पुलिस टीम की तहरीर पर आईपीसी की धारा 124 के तहत रोजा थाने में केस दर्ज कर लिया गया है और तीन पुलिस टीमों को उसकी तलाश में लगाया गया है। उसे बरेली ले जा रही पुलिस टीम खाली प्रिजन वैन लेकर दोपहर में ही वापस वाराणसी को रवाना हो गई। इस टीम में शामिल सभी छह पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी वाराणसी जिला पुलिस की ओर से विधिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उधर, शाहजहांपुर जिले की सीमा को सील कर सघन चेकिंग का दौर जारी है।
रईस सिद्दीकी वाराणसी के दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के डी 37/91 खालिदपुर का रहने वाला है। उस पर वाराणसी शहर के चेतगंज और भेलूपुर थाना क्षेत्र के सात और कानपुर जिला के किदवई नगर और जूही थाना क्षेत्र के तीन आपराधिक मुकदमे आईपीसी की धारा 302, 392, 395, 397 और 120 बी के तहत दर्ज हैं। इन्हीं मामलों में वह पकड़ा गया था और उसकी सुनवाई चल रही थी। सूबे में शातिर और कुख्यात श्रेणी वाले विचाराधीन बंदियों को गृह जनपद से इतर जनपद के जेलों में रखे जाने की लागू व्यवस्था के चलते उसे वाराणसी से बरेली जेल में शिफ्ट किया जा रहा था। हाल ही में दारोगा पद पर प्रोन्नत हुए और वाराणसी पुलिस लाइन में तैनात आद्या प्रसाद राज की अगुवाई वाली पुलिस टीम की अभिरक्षा में उसे बृहस्पतिवार को बरेली के लिए भेजा गया। रोजा ओवरब्रिज पर काफी पहले से ही लगे ट्रैफिक जाम में रईस को ले जा रहा प्रिजन वैन भी फंस गया। दारोगा ड्राइवर वाली केबिन में बैठा था, जबकि अन्य चार राइफलधारी सिपाही वैन में पीछे बंदी के साथ बैठे थे। रोजा ओवरब्रिज पर कुछ देर बाद सन्नाटा था और वैन में बैठे सिपाही जम्हाई ले रहे थे। तभी रईस ने लघुशंका करने की बात कही तो वैन सड़क किनारे रोक दी गई।
रईस के भागने पर अभिरक्षा में ले जाने रही टीम के सदस्य सन्न रह गए और कुछ न समझ आने पर कुछ दूर अंधेरे में पीछा किया, लेकिन अनजान जगह पर सिवाय भटकने के इनके हाथ कुछ भी नहीं लगा। टीम ने रोजा पुलिस से संपर्क साधा, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। तत्काल पूरे मामले की जानकारी वाराणसी पुलिस को दी गई और फरार बंदी की तलाश में जिले के सभी थानों को सतर्क कर दिया गया। अलग से उसकी तलाश में तीन विशेष टीमें गठित की गई। एसपी बबलू कुमार ने बताया कि वाराणसी पुलिस से लगातार संपर्क बना हुआ है और फरार बंदी की बरामदी पर पूरा फोकस है।