महुली क्षेत्र के छितही गांव के सगरवा पुरवा में मूर्ति विसर्जन के दौरान चुनावी रंजिश को लेकर दो पक्षों में गुरूवार को मारपीट हो गई। इस मामले में पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया।
गुरूवार की रात एक पक्ष के लोगों को छोड़ दिए जाने का आरोप लगाते हुए गांव वालों ने शुक्रवार को महुली चौराहे पर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। इसके बाद गांव वालों ने महुली-बस्ती मार्ग को जाम कर दिया।
छितही गांव के सगरवा पुरवा में गुरूवार को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए जुलूस निकल रहा था। उसी दौरान सगरवा पुरवा निवासी क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी भोलू राजभर और दूसरे क्षेत्र पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी अनिल राजभर के समर्थकों के बीच कहासुनी हो र्गई, जो बढ़ कर हाथापाई में तब्दील हो गई।
कुछ लोगों ने बीच बचाव कर मामले को शांत करा दिया। लेकिन मूर्ति विसर्जन करने के बाद आए दोनों प्रत्याशियों के समर्थकों बीच फिर कहासुनी के बाद मारपीट हुई। इसमें बीडीसी प्रत्याशी अनिल के पक्ष से संतराम, सुनील, अनिल, पिंटू, रोशन, मनोरमा, संजय के साथ हरिलाल की गर्भवती पत्नी सीमा आदि मामूली रूप से घायल हो गए।
इसी बीच किसी ने घटना की सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस मौके पर पहुंची और बीडीसी प्रत्याशी भोलू और उसके पिता केदार तथा दूसरे पक्ष के बीडीसी प्रत्याशी अनिल कुमार, रामनयन राजभर, संतराम, पिंटू, रामशंकर, को हिरासत में लेकर थाने ले गई।
शुक्रवार को जाम लगाए हुए गांव वालों का आरोप था कि पुलिस गुरूवार को दोनों पक्षों को थाने ले गई। लेकिन रात में पुलिस ने प्रत्याशी भोलू और उसके पिता केदार को छोड़ दिया, जबकि दूसरे पक्ष के प्रत्याशी अनिल कुमार और रामनयन राजभर के साथ अन्य लोगों को पूरी रात थाने में बैठाए रखी।
आरोप था कि जिस पक्ष के लोग के साथ मारपीट हुई उन्हें पुलिस बैठाए रखी और दूसरे पक्ष के लोग घूम रहे हैं। जाम की सूचना पर पुलिस ने रामनयन को हिदायत देकर छोड़ कि रोड जामकर रहे लोगों को समझा बुझाकर घर भेज दें। रोड जाम किए हुए लोगों की मांग के अनुसार पक्षपात करने वाले थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से हटाया जाए।