वित्तीय साल के पहले ही सप्ताह में नगर पंचायत का ठेकेदार काम छोड़ गया। लिहाजा दूसरी बार ठेके की नीलामी कराई गई। पहले ठेके की तुलना में इस बार नगर पंचायत को करीब आठ लाख रुपये के राजस्व की हानि हुई है।
बता दें कि नगर पंचायत में ठेका तहबाजारी और मछली मार्केट के लिए 16 मार्च को नीलामी बोली लगाई गई थी। इसमें अरविंद वर्मा से ठेका तहबाजारी की सर्वाधिक बोली 15 लाख रुपये लगाकर यह ठेका अपने नाम किया। इसी तरह से मछली बाजार का ठेका भी अरविंद वर्मा ने छह लाख रुपये की बोली लगाकर अपने नाम किया था। 31 मार्च तक दस फीसदी स्टांप और 25 प्रतिशत की रकम की अदायगी ठेकेदार द्वारा की जानी थी, लेकिन ठेकेदार ने कोई रकम नहीं जमा की थी। कई बार पंचायत प्रशासन ने नोटिस भी जारी किए थे, लेकिन ठेकेदार ने पैसा नहीं जमा किया।
ईओ ने बताया कि ठेकेदार द्वारा पैसा न जमा करने पर दोबारा नीलामी बोली लगाई गई। इसमें मछली बाजार का ठेका विनोद कश्यप ने तीन लाख 46 हजार की बोली लगाकर अपने नाम किया है, जबकि ठेका तहबाजारी अनिल सिंह ने नौ लाख 56 हजार की बोली लगाकर अपने नाम किया है। बता दें कि 16 मार्च को लगाई गई कुल बोली 21 लाख रुपये की थी। इस नीलामी बोली में यह ठेका 13 लाख रुपये में दिए गए हैं। इस तरह रोजा नगर पंचायत के राजस्व में करीब आठ लाख रुपये की हानि हुई है।
पिछले साल की तुलना में दस फीसदी की बढ़ोत्तरी पर ठेके उठाए गए है। पहली नीलामी बोली का ठेकेदार टर्नअप नहीं हुआ है इसलिए दोबारा बोली लगाई गई है। सूचना जिला प्रशासन को भेजी गई है।
- आरपी सिंह, ईओ रोजा नगर पंचायत