कलान थाना क्षेत्र के गांव हरजूनगला में तांत्रिक बाप द्वारा बेटी को पीटकर मारने की बात निराधार निकली जब रविवार को इस सूचना को तस्दीक करने पुलिस गांव पहुंची। ग्राम प्रधान नरेंद्र शाक्य और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि इस गांव में न तो पहले कोई तांत्रिक था और ना ही अब है। हां, बीते शुक्रवार को प्रेतसाया से प्रभावित होकर भूत खेलने के दौरान दो विवाहिता बहनें एक दूसरे से जमकर ल़ड़ने लगीं और उसमें छोटी बहन जलधारा (18) का सिर खटिए के पाए से टकराया तो वह बेहोश हो गई। थोड़ी देर में उसने दम तोड़ दिया। तब उसका शव लेकर उसका पति नेत्रपाल बदायूं के उसहैत थाना क्षेत्र के गांव केशवपुर गया और वहां अंतिम संस्कार कर दिया।
कलाना थानाध्यक्ष प्रभुकांत ने गांव हरजूनगला में करीब चार घंटे तक अलग - अलग सभी से पूछताछ की तो यही तथ्य सामने आया। पुलिस की तफ्तीश के दौरान ही मृतका की मझली भाभी भी भूत खेलने लगी और कुछ देर बाद शांत हुई। यह दशा देखकर मृतका का 65 वर्षीय पिता अहिबरन ने थानाध्यक्ष से कहा कि यहां तो वह प्रेतसाया से उकता गया है और परिवारसमेत गांव छोड़कर कहीं अन्यत्र सकून से रहने का विचार कर कर रहा है। प्रधान और अन्य ग्रामीणों ने बताया कि अहिबरन किसी नशे का भी आदि नहीं है और उसे तंत्र -मंत्र की कोई जानकारी नहीं है एवं ना ही अब तक गांव में ऐसा कोई रहा। पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए अहिबरन ने बताया कि बड़ी बेटी शिवधारा (30) का कुछ साल पहले और छोटी बेटी जलधारा की शादी साल भर पहले की थी। सावन माह में दोनों बेटियां मायके आई हुई थीं। प्रेतसाया से प्रभावित होकर दोनों यहां भूत खेलने लगती थीं और उस क्रम में दोनों आपस में लड़ने लगती थीं। परेशान होकर परिवारवाले दोनों बीते शुक्रवार की सुबह बदायूं के मंशा नगरा में एक तांत्रिक के पास ले गए जिसने झाड़फूंक के बाद दोनों को आइंदा आपस में न लड़ने को समझाया। फिर सभी घर वापस चले आए और यहां दोनों दामाद भी आए हुए थे। कुछ देर बाद दोनों बहनें फिर से भूत खेलने लगीं और आपस में मारपीट करने लगीं। थानाध्यक्ष ने मृतका के पिता, भाइयों और पति और बहनोई से भी बात की एवं किसी प्रकार का कोई सुबहा होने की स्थिति में तहरीर देने को कहा ताकि विधिक कार्रवाई की जा सके लेकिन परिवारवालों ने हाथ जोड़कर कहा कि यह स्वाभाविक घरेलू मामला था और इसमें उन्हें कोई कार्रवाई नहीं करनी या करानी। उसके बाद पुलिस गांव से लौट गई।