खंडहर गांव में फांसी पर लटके मिले युवक कि घर वालों ने जलालाबाद में रोड जाम करने की कोशिश की। नामजद तहरीर देने के बाद भी पुलिस के कोई कार्रवाई न करने पर लोग गुस्से में थे। पता लगने पर पहुंची पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज करने का आश्वासन देकर किसी तरह घरवालों को मनाया। इसके बाद कोतवाल ने खुद गांव जाकर घटना की छानबीन शुरू की। दोपहर को गांव के पास बहगुल नदी किनारे शव का अंतिम संस्कार किया गया।
शनिवार को खंडहर गांव के रामनरायण के 30 वर्षीय पुत्र प्रमोद का शव घर के पास स्थित बाग में आम के पेड़ पर रस्सी से लटका मिला था। मृतक के पिता ने गांव के ही कुछ लोगों पर बेटे की हत्या कर शव पेड़ पर लटकाने का आरोप लगाते हुए नामजद तहरीर दी थी, लेकिन पुलिस ने आत्महत्या का मामला मानकर कोई कार्रवाई नहीं की। उधर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट में प्रमोद की मौत हैगिंग (फांसी पर लटकने) के कारण होना बताई गई। मगर इसके बाद भी परिजन आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर अड़े रहे। सोमवार सुबह परिवार वाले शव ट्रैक्टर-ट्राली में लेकर जलालाबाद में रोड जाम करने को जा पहुंचे। इसकी जानकारी मिलते ही कोतवाल यतींद्र भारद्वाज और कई पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। उन्होंने घरवालों ने कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद अंतिम संस्कार कर दिया। हालांकि देर शाम तक इस मामले में कोई रिपोर्ट दर्ज नही हुई थी।