बंडा थाना क्षेत्र के गांव मकसूदापुर में शुक्रवार सुबह करीब 11:30 बजे एक महिला ने पहले अपने दो वर्ष के बेटे को नहर में फेंक दिया और बाद में खुद भी कूद गई। बच्चे का शव बरामद कर लिया गया है, लेकिन देर शाम तक गोताखोरों के तमाम प्रयासों के बाद भी महिला का शव बरामद नहीं हो सका था। उसने यह कदम क्यों उठाया, इसका पता नहीं चल सका है।
थाना क्षेत्र के बिलसंडा मार्ग पर शुक्रवार दोपहर लगभग साढ़े ग्यारह बजे बंडा की ओर से एक बाइक पुल पर आकर रुकी। बाइक से उतरी महिला ने अचानक गोद के बच्चे को नहर में फेंक दिया और इसके बाद खुद भी छलांग लगा दी। यह देखकर वहां मौजूद गांव कुआंडांडा के राजेश कुमार वर्मा, जाहिद, असल, रामदास और पुल के पास बाल काटने की दुकान चलाने वाले बंडा के सुधीर कुमार चीखते हुए नहर के किनारे पहुंचे, लेकिन तब तक महिला और बच्चा नहर में डूब चुके थे। इस बीच मौका पाकर बाइक सवार पति और चचिया ससुर मौके से बिलसंडा की ओर भाग निकले। कुछ लोगों ने घटना की जानकारी पुलिस को देने के साथ ही महिला और बच्चे की तलाश शुरू की तो नहर में लगभग दो सौ मीटर दूर बच्चे का शव मिल गया। इस बीच मौके पर पहुंची पुलिस ने बच्चे का शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और गांव भांवी से गोताखोर बुलाकर देर शाम तक नहर में महिला की तलाश कराई गई लेकिन कोई पता नहीं चल सका।
शाम लगभग 7:30 बजे बंडा के गांव दोहना की सरबती यादव गांव के कई लोगों के साथ थाने पहुंचीं और बताया कि नहर में कूदने वाली उनकी बेटी 25 वर्षीय सरोजा देवी थी। सरोजा की शादी पांच वर्ष पहले हुई थी वह अपने दो वर्षीय बेटे नितिन को लेकर मायके से पति विनोद सिंह, बरेली के थाना फतेहगंज के गांव हसनगंज गौंटिया निवासी और चचिया ससुर रविंद्र यादव के साथ ससुराल के लिए निकली थी। ससुराल जाते समय बेटी खुश थी। रास्ते में ऐसा क्या हुआ कि सरोजा ने बेटे को नहर में फेंक खुद भी छलांग लगा दी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। उन्होंने बताया कि सरोजा के पिता सुंदरलाल यादव की पहले ही मौत हो चुकी है। आठ बहनों और एक भाई में सरोजा तीसरे नंबर की थी। बंडा के कार्यवाहक एसओ आरिफ खां ने बताया कि शिनाख्त के बाद उनकी पहली प्राथमिकता सरोजा की तलाश है। पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई की जाएगी। इस संबंध में सरोजा के घरवालों की ओर से अभी कोई तहरीर नहीं दी गई है। सरोजा की मां ने फोटो के आधार पर मृतक नाती नितिन की शिनाख्त कर ली है।