जलालाबाद के गांव उदरापुर में गोली से घायल हुई छात्रा नीलम की मां ने उसके ठीक होने के बाद उसका डिग्री कॉलेज में दाखिला कराने का फैसला किया है।
बता दें कि गांव उदरापुर निवासी विश्राम सिंह की 22 वर्षीय बेटी नीलम ने पिछले साल इंटरमीडिएट प्रथम श्रेणी में पास किया था। पांच साल पहले उसके पिता की मौत हो गई थी। इसके आठ महीने बाद भाई रामू की हत्या कर दी गई थी। इसी साल अप्रैल में छोटे भाई श्यामू की बीमारी से मौत हो गई थी। नीलम स्नातक करने के लिए डिग्री कॉलेज में दाखिला लेना चाहती थी, लेकिन घर की माली हालत ठीक नहीं होने के कारण मां गंगा देवी ने दाखिला कराने से मना कर दिया था। इसी बात को लेकर मां-बेटी में अक्सर कहासुनी होती रहती थी। शनिवार की दोपहर नीलम की इसी बात को लेकर मां से कुछ कहासुनी हो गई थी। इससे नाराज नीलम ने घर में रखे तमंचे से अपने सीने पर गोली मार ली थी। घायल नीलम को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां हालत बिगड़ने पर परिवार के लोगों ने उसे शहर के एक निजी में भर्ती कराया था। रविवार को भी नीलम की हालत नाजुक बनी हुई है। डॉक्टरों ने गोली लगने वाले घाव का ऑपरेशन किया है। बात करने पर गंगा देवी ने बताया कि बेटी के ठीक हो जाने बाद किसी भी हाल में उसका दाखिला डिग्री कॉलेज में कराएंगी। वह अपनी बेटी की सलामती के लिए ईश्वर से दुआ कर रहीं है। उधर, जलालाबाद पुलिस ने गांव उदरापुर में घटनास्थल देखने गई, लेकिन परिवार का कोई सदस्य घर में नहीं होने के कारण लौट आई। इंस्पेक्टर जलालाबाद यतेंद्र भारद्वाज ने बताया कि घटनास्थल मुआयना करने गए थे, लेकिन छात्रा के घर पर कोई नहीं मिला। ग्रामीणों ने बताया कि मां-बेटी के बीच कोई बात हुई थी, जिसके बाद छात्रा ने अपने को गोली मार ली।
एक झोपड़ी में गुजर-बसर कर रहा है परिवार
जलालाबाद। नीलम का परिवार थाना मिर्जापुर क्षेत्र के गांव थाथरमई का रहने वाला है। वर्ष 2010 में उसका गांव बाढ़ की चपेट में आ गया था, जिसमेें नीलम का घर बह गया था। परिवार के लोग इसके बाद पलायन करके गांव उदरापुर में सड़क के किनारे झोपड़ी डालकर रहने लगे थे। नीलम के दो भाई, वीरेंद्र और धर्मेंद्र, हैं। दोनों मेहनत मजदूरी करके परिवार के का गुजारा करते हैं। घटना के समय दोनों मजदूरी करने गए हुए थे।