स्थानीय पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम की दौड़भाग के बाद भी नौ टन मूंगफली दाना खुर्दबुर्द करने वाला मास्टर माइंड ट्रक मालिक को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है। पुलिस ने सहयोगी चालक रमेश उर्फ बबलू व हेल्पर सुरेंद्र सिंह उर्फ सज्जन सिंह को जेल भेज दिया है।
बता दें कि गत 22 जुलाई को स्थानीय व्यापारी मोहल्ला बगिया निवासी रामसते पुत्र श्री कृष्ण ने अपना नौ टन मूंगफली दाना की आशीष ट्रेडर्स गोपीगंज जिला भदोही के लिए लोडिंग के वास्ते पवन रोड लाइन्स अल्हागंज की मार्फत सहाब रोड लाइन सीतापुर से डीसीएम ट्रक मंगाया था। बताते हैं कि ट्रक 22 जुलाई को अल्हागंज से गोपीगंज के लिए रवाना हो गया, लेकिन वह वहां नहीं पहुंचा, जिसकी रिपोर्ट ट्रांसपोर्टर संतोष गुप्ता के द्वारा सीतापुर थाने में दर्ज करा दी गई। इसी बीच व्यापारी रामसते को आशीष ट्रेडर्स द्वारा द्वारा ज्ञात हो गया कि दाना उन तक न पहुंचकर ट्रक मालिक की योजना के अनुसार चालक ने कहीं गायब कर दिया। दाना सात लाख रुपये का था। इतना नुकसान होने की वजह से व्यापारी के होश फाख्ता हो गए। उसने नौ टन माल की लोडिंग के लिए ट्रक की डिमांड उसी ट्रांसपोर्टर से की। इस पर ट्रांसपोर्टर ने वही डीसीएम ट्रक लोडिंग के लिए भेज दिया, लेकिन नए नंबर और नई डेंटपेंट के साथ। ट्रक के कागजों में मालिक राम जी पुत्र श्याम जी यादव निवासी खड़िया बाजार थाना शांतिनगर जिला सोनभद्र दर्ज था, जबकि चालक का नाम सुंदर यादव निवासी चौबेपुर वाराणसी था। शक के आधार पर व्यापारी ने चालक से पूछताछ कर उसका ड्राइविंग लाइसेंस देखा, जिसमें उसका नाम दुधराम पुत्र रामराज यादव निवासी कनेरी रजाता रेहनिया बनारस दर्ज था, जबकि असली नाम उसका रमेश उर्फ बबलू था।
ट्रक चालक रमेश के द्वारा पुलिस में दर्ज कराए गए बयान में कहा कि उसके मालिक ने ट्रक के फर्जी कागजात तैयार कराए, जिसमें ट्रक मालिक का नाम राजाराम यादव पुत्र सत्यदेव निवासी 58/33 माधवपुर थाना सिगरा वाराणसी दर्ज कराया। मालिक ने ही उसका फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस बनवाकर उसे दिया था, लेकिन फोटो असली और उसका ही था। कागजातों में ट्रक इंजन तथा चेचिस नंबर भी अंकित है। ट्रक की तलाशी में दो नंबर प्लेट और दो कागजातों की फाइल भी बरामद हुई है। एसओ प्रदीप कुमार ने बताया कि जांच की जा रही है। घटना का मास्टर माइंड और माल अभी बरामद नहीं हो सका है। जल्द ही पता लगा लिया जाएगा।