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स्मैक पीने को लेकर हुए विवाद में मारा गया मानसिं

Fri, 23 Jan 2015 12:28 AM IST
तिलहर (शाहजहांपुर)
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क्षेत्र के गांव बंधीचक में रहने वाले मानसिंह हत्याकांड का 15 दिन बाद बृहस्पतिवार को खुलासा हो गया। मानसिंह की हत्या उसके दोस्त राजवंशी ने स्मैक पीने को लेकर हुए झगड़े में मफलर से गला घोटकर की थी। हत्या करने के बाद आरोपी ने पहचान छुपाने के लिए शव को पतेल से जला दिया था। पुलिस ने हत्यारोपी राजवंशी के पास से एक तमंचा और पांच कारतूस बरामद किए हैं। मृतक मानसिंह की रायफल बरामद नहीं हो पाई है।
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कोतवाली में एसपी आरपीएस यादव ने मानसिंह हत्याकांड के खुलासे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि गांव मसूरपुर गौटिया में रहने वाले राजवंशी अपने दोस्त मानसिंह के साथ स्मैक पीता था। आठ जनवरी को स्मैक पीने को लेकर दोनों के बीच मारपीट हुई थी। इसके बाद राजवंशी को डर लगा कि कहीं मानसिंह अपनी रायफल से गोली ने मार दे, उसने मफलर से गला घोटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद पतेल में शव रखकर पहचान मिटाने के लिए आग लगा दी और भाग गया।

बाइक गिरवीं रखकर पी थी स्मैक
हत्यारोपी राजवंशी ने बताया कि घटना वाले दिन लगभग 11.30 बजे स्मैक पीने के लिए उसने अपनी बाइक एक व्यक्ति के पास एक हजार रुपये में गिरवीं रख दी थी। इसके बाद उसने दौ सौ रुपये की स्मैक मानसिंह के साथ पी थी। बाद में एर्क इंट भट्ठे पर जाकर दोबारा स्मैक पी। इसके बाद मंदिर पर जाकर दोनों ने हाथपैर धोए और मिठाई खाकर सिगरेट भी पी। शाम को साढे़ छह बजे पेट्रोल पंप के पीछे जाकर मानसिंह ने फिर से स्मैक मंगाने की बात कही। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। दोनों के बीच मारपीट भी हुई। जब मानसिंह ने रायफल लोड करने की कोशिश की तो उसने मफलर से गला घोटकर मानसिंह की हत्या कर दी।
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सर्विलांस की मदद से राजवंशी तक पहुंची पुलिस
पुलिस के अनुसार आरोपी ने हत्या के बाद रायफल और कारतूस गड्ढा खोदकर जमीन में दबा दिए। मानसिंह का मोबाइल राजवंशी का भाई चलाने लगा। इस दौरान राजवंशी को भी पुलिस ने पूछताछ के लिए कोतवाली बुलाया, लेकिन कोई सबूत न मिलने पर उसे छोड़ दिया। राजवंशी ने कोतवाली से छूटते ही रायफल गड्ढे से निकालकर कोतवाली के सामने एक खोखे की छत पर रख दी, ताकि रायफल मिलने के बाद पुलिस शांत हो जाए। मानसिंह का मोबाइल फोन सर्विलांस पर लगाया गया तो लोकेशन राजवंशी के घर मिली, जिसे बरामद कर लिया गया। इसके बाद पुलिस ने राजवंशी से सख्ती से पूछताछ की तो वह टूूट गया और उसने पुलिस को घटना के बारे में सब कुछ बता दिया।

पत्नी की बात मानता तो नहीं जाती जान
मानसिंह के चाचा ने बताया कि घटना से कुछ दिन पहले मानसिंह की पत्नी मिलन ने स्मैक की लती उसके तीन दोस्तों के साथ उसे न जाने की कसम खिलाई थी। मानसिंह नहीं माना, दोनों के बीच विवाद भी हुआ। यदि मानसिंह पत्नी की बात मान लेता तो उसकी जान नहीं जाती।

पुलिस पर फर्जी खुलासे का आरोप
मानसिंह के परिवार वालों का आरोप है कि पुलिस ने हत्या में नामजद कराए गए गांव के नन्हें पाल, रफ्फन उर्फ जगपाल और गांव मुला गौटिया निवासी छत्रपाल को सत्तापक्ष के एक नेता के दबाव के चलते बचाने के लिए झूठी कहानी गढ़ी है। शक के आधार पर नामजद तीनों लोगों को गिरफ्तारी के लिए परिवार वालों ने पांच-छह दिन पहले कोतवाली में पूरे दिन हंगामा किया था। साथ ही पुलिस पर एक नेता के दबाव का आरोप लगाया था।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गला दबाने से मौत का कारण नहीं आया है, लेकिन मौका मुआयना से शव के गले में जला हुआ मफलर बंधा हुआ मिला था। फिर मानसिंह की जीभ भी बाहर निकली मिली थी। आरोपी ने भी गला दबाने की बात कबूली है। सो पूरी बात स्पष्ट हो चुकी है, रायफल बरामद करने की कोशिश की जा रही है।
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- रूम सिंह यादव, इंस्पेक्टर तिलहर
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