क्षेत्र के गांव जिरायु निवासी सोनपाल के बेटे मदनपाल के पास चार एकड़ जमीन है। उन्होंने गांव के कुछ लोगों की छह एकड़ जमीन भी पट्टे पर लेकर गेहूं की फसल बोई थी। फसल के लिए उन्हें बैंक और सूदखारों से कर्जा लेना पड़ा था। बारिश में मदनपाल की सारी फसल बर्बाद हो गई। बैंक और सूदखोरों का कर्जा चुकाने की चिंता मदनपाल को सता रही थी। पटके पर ली छह एकड़ जमीन का भी पैसा देना था। इसे लेकर वह काफी परेशान रहने लगे थे। बुधवार रात करीब दस बजे मदनपाल के सीने में तेज दर्द शुरू हुआ। हालत बिगड़ने पर उन्हें मदनापुर के एक निजी चिकित्सक के यहां ले जाया गया, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। परिवार वालों ने बृहस्पतिवार की सुबह हलका लेखपाल और कानूनगो को मदनपाल की मौत की सूचना दी लेकिन कोई नहीं पहुंचा। राजस्व अधिकारियों की अनदेखी से परिवार और गांव के लोगों में आक्रोश है।
मदनपाल की मौत से मचा कोहराम
मदनपाल की आकस्मिक मौत से परिवार में कोहराम मच गया। उनकी पत्नी अनीता, 14 वर्षीय बेटी शालनी और 10 वर्षीय बेटी उमा का रो-रोकर बुरा हाल है। मदनपाल की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी की समस्या खड़ी हो गई है।