पुलिस के कड़े रुख के बाद भी जिले में अपराधों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। पुलिस ने 2013 के मुकाबले 2014 में अपराधियों के विरुद्ध अधिक कार्रवाई की हैं, लेकिन नेताओं के संरक्षण के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। अपराधिक घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।
नेताओं के संरक्षण से हिस्ट्रीशीटर खुलेआम घूम रहे हैं अगर पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई करने का प्रयास करती है, लेकिन सत्ता पक्ष के दबाव के चलते पुलिस उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पाती है। हिस्ट्रीशीटर आए दिन फायरिंग, जमीनों पर कब्जा और लड़ाई-झगड़ा करते हैं। मामला थाने में पहुंचने पर पुलिस पर मामले को निपटाने का दबाव बनने लगता है। कुछ नेता अपराधियों को बचाने के लिए उसके पड़के जाने से पहले थाने में उसकी पैरवी को पहुंच जाते हैं।
पुलिस कार्रवाई हुई तेज
वर्ष 2013 में पुलिस ने 169 अपराधियों के खिलाफ गुंडा एक्ट और 62 अपराधियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की थी, जबकि वर्ष 2014 में 414 अपराधियों पर गुंडा एक्ट की कार्रवाई हुई, जिसमें 156 लोगों को जिला बदर किया गया। इनमें से 19 लोगों को जेल भेजा गया। 84 अपराधियों के खिलाफ गैंगेस्टर की कार्रवाई की गई। 24 लोगों की हिस्ट्रीशीट खोली गई।
हत्या की घटनाओं में इजाफा
वर्ष 2013 में जिले में 89 हत्याएं हुई, जबकि वर्ष 2014 में 90 लोगों की हत्या हुई। इस वर्ष जनवरी और फरवरी महीने पर जिले में हत्या की तीन घटनाएं हो चुकी है। जिले में हत्या की घटनाओं में लगातार इजाफा हो रहा है।
महिला अपराधों में भी हुई बढ़ोत्तरी
वर्ष 2013 2014
रेप 34 74
अपहरण 106 186
छेड़खानी 08 06
शीलभंग 98 174
इस वर्ष जनवरी और फरवरी महीने में रेप की नौ, अपहरण 19, छेड़खानी तीन, शीलभंग की 27 घटनाएं हुईं।
नए अपराधी गैंग बन रहे हैं। जिनकों चिन्हित करने का प्रयास किया जा रहा है। इसकी वजह से हत्या की घटनाएं बढ़ रही हैं। साथ ही प्रेम-प्रसंग और परिवार झगड़ों की वजह से भी हत्या की घटनाएं हो रही हैं।
- आरपीएस यादव, एसपी