पैना खुर्द में 25 सितंबर, 2014 को हुई थी इरशाद की हत्या
षष्ठम अपर सत्र न्यायाधीश फराह मतलूब ने सिंधौली क्षेत्र के गांव पैना खुर्द (सुंदरनगर) में हए परचून दुकानदार इरशाद हत्याकांड में मुख्य आरोपी ब्रजेश को दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। उस पर एक लाख एक हजार रुपये का जुर्माना भाी किया है। जुर्माने राशि में से 50 हजार रुपये मृतक के माता-पिता को बतौर क्षतिपूर्ति देने का आदेश दिया है।
पैना खुर्द निवासी शेर मोहम्मद का बेटा ताज मोहम्मद घर के बाहर खोखे में परचून की दुकान करता था। 25 सितंबर, 2014 की रात आठ बजे वह दुकान बंद करके चाबी घर रख आया, तभी गांव का ब्रजेश वहां पहुंचा और दुकान खोलकर सिगरेट देने को कहा। इस पर ताज मोहम्मद अपने छोटे भाई इरशाद को खोखे के पास खड़ा करके चाबी लेने घर चला गया। चाबी लाने में कुछ देर होने पर ब्रजेश ने इरशाद से गालीगलौज शुरू कर दी। इरशाद के विरोध करने पर दोनों में कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर ब्रजेश ने तमंचे से इरशाद को गोली मार दी। सीने में गोली लगने से इरशाद वहीं गिर गया। इसके बाद ब्रजेश फायर करता हुआ भाग गया। शेर मोहम्मद मोटर साइकिल से इरशाद को जिला अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
शोर मोहम्मद की तहरीर पर ब्रजेश के विरुद्ध प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की गई। पीड़ित पक्ष की ओर से सरकारी वकील मनफूल सिंह वर्मा एवं वादी के वकील एजाज हसन खां ने छह गवाहों के बयान कराए। शुक्रवार को पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और तथ्यों का अवलोकन करने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश ने ब्रजेश को इरशाद की हत्या का दोषी पाते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।