एक पखवाड़ा पूर्व हथौड़ा गांव से बरामद किए चावल और रेलवे संपत्ति के मामले में आधा दर्जन लोगों के विरुद्ध आरपीएफ ने अपने यहां भी मुकदमा दर्ज किया है। पकड़े गए चोरों ने आरपीएफ को रेलवे से खाद्यान्न चोरी कर राइस मिलों में चावल खपाने वाले कुछ कारोबारियों के नाम बताए हैं। इन पर आरपीएफ का शिकंजा कसने लगा है।
बता दें कि 25 दिसंबर की शाम करीब चार बजे रोजा पुलिस ने हथौड़ा गांव के एक घर में छापा मारकर आठ बोरे चावल और रेलवे संपत्ति के टुकड़े बरामद किए थे। मौके से गांव के अवधेश, शमशुद्दीन और नन्हे को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पकड़े गए इन आरोपियों ने आरपीएफ को बताया कि मालगाड़ियों से खाद्यान्न चोरी कर रोजा क्षेत्र की कुछ राइस मिल्स उनके माल को खरीद कर खपाती थीं। इन आरोपियों ने चावल के कारोबार से कुछ सफेदपोशों के नाम भी कबूले हैं।
आरपीएफ सूत्र बताते हैं कि उनके यहां भी छह लोगों के खिलाफ मामले को 3 आरपीयूपी एक्ट में दर्ज किया गया है और चिह्नित राइस मिलर्स के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। आरपीएफ की इस कार्रवाई से राइस मिलर्स में हड़कंप मचा हुआ है।
बता दें कि 28 दिसंबर को रोजा पुलिस ने पुवायां से लूटे गए चावल के ट्रक का माल रोजा मंडी से बरामद कर आढ़ती राममूर्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इस मामले में भी हथौड़ा गांव के शातिर बदमाशों का हाथ था, जिनकी गिरफ्तारी भी हुई दो आरोपी अभी पकड़ से बाहर है।
इस पूरे मामले के राजफाश होने के बाद कुछ राइस मिलर्स की भूमिका को आरपीएफ और पुलिस संजीदगी से ले रही है। जल्दी ही कुछ सफेदपोशों के खिलाफ कार्रवाई के संकेत मिल रहे हैं।
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रेलवे संपत्ति अधिनियम के तहत हमारे यहां रिपोर्ट दर्ज की गई है। कुछ चावल कारोबारी चोरों से माल खरीदने का काम कर रहे है, जिनको चिह्नित कर लिया गया है और अदालती कार्रवाई की जा रही है। - एसपी सिंह, प्रभारी निरीक्षक, आरपीएफ