गांव चंदौरा बहादुरपुर में हत्या-आत्महत्या का मामला
युवती के पिता उसके लिए वर देखने गए थे
गांव चंदौरा बहादुरपुर में इश्क में अंधे लालू यादव द्वारा युवती की गोली मारकर हत्या करने के बाद खुद को भी गोली से उड़ाने की वारदात से क्षेत्र में सनसनी फैल गई है। बताया जा रहा है कि युवती के घर वाले उसके लिए वर की तलाश कर रहे थे, इसी बात को लेकर युवक टेंशन में था।
गांव चंदौरा बहादुरपुर निवासी नरेश तिवारी अपनी जवान बेटी शिवानी की शादी को लेकर चिंतित थे और वह उसके लिए वर की तलाश कर रहे थे। बताते हैं कि वह कल भी उसके लिए वर ही देखने गए थे और घर नहीं लौटे। ग्रामीणों के अनुसार इन दोनों परिवारों के बीच लंबे समय से निकटता थी। लालू यादव और नरेश तिवारी के लड़के स्वदेश से काफी दोस्ती थी। ग्रामीणों की माने तो शिवानी की शादी की चल रही तैयारियों से लालू परेशान था और शायद इसी को लेकर सोमवार को उसकी तथा शिवानी के बीच कोई बात हो गई। लोगों के अनुसार सीधी सादी शिवानी से लालू निकटता बढ़ाने की कोशिश करता था, परंतु वह इस बात के खिलाफ थी।
दस मिनट पहले ही घर आया था लालू
घटना को अंजाम देने से दस मिनट पहले नरेश के घर आए लालू का रोजाना की तरह ही व्यवहार था। उसने शिवानी की मां से भी हमेशा की तरह बातचीत की। शिवानी के घरवालों के अनुसार उन लोगों की लालू से किसी भी मामले को लेकर कोई बात नहीं हुई और न ही उन लोगों को लालू पर किसी तरह का कोई शक हुआ।
बच गई मासूम भतीजे की जान
जिसका ऊपर वाला रखवाला है उसका कोई बाल बांका नहीं कर सकता। यह कहावत युवती के दो साल के भतीजे वैभव पर खरी उतरती है। लोगों ने बताया कि सोमवार की सुबह करीब साढ़े दस बजे जिस समय शिवानी नल से पानी भर रही थी उस दौरान उसकी गोद में उसके भाई स्वदेश का दो साल का बेटा वैभव भी था, लेकिन वहां पहुंचा लालू जब तमंचा निकालकर उसकी ओर दौड़ा, तो घबराई शिवानी वैभव को वहीं जमीन पर उतार कर घर के अंदर भागी। उस दौरान चलाई गई गोली शिवानी की पीठ में जा धंसी। लोगों का कहना है कि गनीमत रही उस दौरान वैभव गोद में नहीं था। वरना वह भी गोली का निशाना बन सकता था।