फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जोरू, जमीन में छिपा है हत्या का राज

Wed, 29 Apr 2015 11:33 PM IST
पुवायां (शाहजहांपुर)
विज्ञापन
विज्ञापन
गांव बेला छेदा में रामलड़ैते और उसकी पत्नी की हत्या का राज जोरू और जमीन में छिपा हुआ है। परिवार के लोग भी हत्या के मामले को लेकर अलग-अलग बातें कह रहे हैं, जिससे पुलिस भी उलझ कर रह गई है। कुल मिलाकर पुलिस चार ऐसे मामले सामने रखकर जांच कर रही है जो हत्या का कारण हो सकते हैं।
विज्ञापन

रामलड़ैते के एक भी कल्लू की लगभग 30 वर्ष पूर्व पैतृक गांव मोहम्मद के गांव अटसार में हत्या कर दी गई थी इसके बाद आरोपी पक्ष के वेदप्रकाश अमीन की हत्या हो गई। वेदप्रकाश की हत्या में शिवशंकर आदि नामजद कराए गए थे। बाद में इस मामले में दोनों पक्षों में राजीनामा हो गया। गांव की रंजिश के चलते शिवशंकर और रामलड़ैते गांव बेला छेदा में आकर रहने लगे थे, जबकि उनके अन्य भाई गांव अटसार में ही रहते हैं। लगभग एक वर्ष पूर्व दोनों पक्षों में फिर से खेती पर कब्जे को लेकर विवाद हो गया था और फायरिंग हुई थी। इस प्रकार रंजिश की पुरानी चिंगारी फिर से धधकने लगी थी। दोहरे हत्याकांड के पीछे एक वजह यह भी हो सकती है।
रामलड़ैते की पत्नी प्रभा देवी की पहली शादी लखीमपुर के मोहल्ला गुटैया बाग में अशोक पांडे के साथ हुई थी। दोनों में मनमुटाव के बाद संबंध विच्छेद हो गए और प्रभा की दूसरी शादी रामलड़ैते के साथ हो गई। कुछ लोग इस मामले में भी तमाम तरह की चर्चाएं कर रह हैं। रामलडै़ते और प्रभा देवी के कोई संतान नहीं थी। उनके पास लगभग सवा एकड़ जमीन मकान आदि है। पुलिस हत्याकांड को संपत्ति के मामले से भी जोड़कर जांच कर रही है।
विज्ञापन

इसके अलावा हत्याकांड के पीछे गांव बेला छेदा की एक रंजिश भी वजह हो सकती है। पुलिस इस पहलू पर भी जांच कर रही है। गांव बेला में हुए हत्या के एक मामले में गांव के पांच लोगों को आजीवन कारावास की सजा हो गई थी। जेल में बंद एक आरोपी की पत्नी ने रामलड़ैते सहित पांच लोगों के खिलाफ 24 अगस्त 2014 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि जमीन खरीदने के बहाने उक्त लोग उसे ले गए और भीरा क्षेत्र में बेच दिया। भीरा में उससे अश्लील हरकतें की गईं। रिपोर्ट दर्ज होने के कुछ दिन बाद ही महिला ने आरोपों को गलत बताते हुए स्वेच्छा से जाने और एक आरोपी से शादी कर लेने की बात कहते हुए शपथ पत्र दिया था। इसके बाद मामले में एफआर लगा दी गई थी। महिला का भतीजा और देवर आदि कुछ माह पूर्व ही जेल से छूटकर घर आए हैं। शिवशंकर ने जेल से छूटे लोगों को भी हत्याकांड में नामजद कराया है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें