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कृपाल की पत्नी ने मांगा 50 लाख मुआवजा, नौकरी

Wed, 15 Jul 2015 08:55 PM IST
शाहजहांपुर
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आसाराम प्रकरण के गवाह कृपाल सिंह की पत्नी नीरज उर्फ मोनी सिंह ने 50 लाख रुपये का मुआवजा, नौकरी, शस्त्र लाइसेंस, शस्त्र खरीदकर देने, एकमात्र संतान छह वर्षीय बेटे को नि:शुल्क शिक्षा और गर्भस्थ शिशु की शिक्षा, चिकित्सा की व्यवस्था करने की मांग की है। इसके लिए मुख्यमंत्री को संबोधित पांच सूत्री मांगपत्र भी एडीएम (प्रशासन) को दिया है। मांगें पूरी न करने पर अग्रिम कार्रवाई की खुली चेतावनी दी है।
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बुधवार दोपहर को एडीएम (प्रशासन) एमएन उपाध्याय और एएसपी सिटी राजेश कुमार ने कृपाल की पत्नी नीरज से गदियाना स्थित उनके घर पर मुलाकात की। नीरज ने प्रशासनिक अधिकारियों को नौकरी और सुरक्षा दिलाए जाने की मांग वाला पत्र दिया। इसमें नीरज ने कहा है कि उनके पति कृपाल सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई। पति की मौत हो जाने के बाद से कमाने वाला कोई व्यक्ति नहीं बचा है, जबकि उनका छह वर्ष का बेटा अंश और गर्भ में पल रहे बच्चे का पालन-पोषण किया जाना है। उनके नाम पर खेती भी नहीं है, केवल दो बीघा जमीन पति के नाम पर थी। लिहाजा उन्हें 50 लाख रुपये मुआवजा दिलाया जाए। इसके साथ ही उनके गर्भस्थ शिशु की शिक्षा और चिकित्सा की वयवस्था सरकारी खर्च पर कराई जाए। उनके बेटे अंश को केंद्रीय विद्यालय में नि:शुल्क शिक्षा दिलाई जाए।
नीरज ने कहा है कि वह स्नातक होने के साथ ही पीजीडीसीए डिप्लोमा धारक भी हैं। लिहाजा उन्हें सरकारी सेवा में लिया जाए। पति के हत्यारों को जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसके साथ ही परिवार की सुरक्षा के लिए रिवाल्वर या रायफल का शस्त्र लाइसेंस और शस्त्र खरीदकर दिया जाए। नीरज ने शासन और प्रशासन को चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसकी मांगों को पूरा नहीं किया गया तो वह कुछ भी करने के लिए स्वतंत्र होंगी।
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पांच जिलों में लगीं टीमें खुलासे से अब भी दूर
शाहजहांपुर। कृपाल सिंह के हत्यारों और हत्या की साजिश रचने वालों को पकड़ने के लिए पुलिस भले ही तेजी दिखा रही हो, लेकिन अभी पुलिस खुलासे के करीब नहीं पहुंच सकी है। हालांकि रोजाना पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है। पुलिस कृपाल के बताए गए तीन लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
घटना के जल्द खुलासे के लिए पुलिस को अर्जुन, राघव और संजय की तलाश है क्योंकि कृपाल ने मृत्यु पूर्व बयान में इन तीनों का नाम लिया था। हत्यारों तक पहुंचने के लिए ये तीनों पुलिस के लिए काफी मददगार साबित हो सकते हैं। इन्हें पकडने के लिए पांच जिलों में पुलिस टीमें लगी हुई हैं। बावजूद इसके बुधवार तक कोई खास सुराग हाथ नहीं लग सके हैं। एसपी बबलू कुमार के मुताबिक इस प्रकरण में तेजी के साथ काम किया जा रहा है। पुलिस टीमें पांच जिलों में लगी हुई हैं। कहा कि घटना का खुलासा करने में कम से कम तीन दिन तो लग ही जाएंगे।
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