प्रतिबंधित पशुओं से भरा ट्रक पुलिस ने हेल्पर समेत पकड़ा लिया, जबकि चालक फरार हो गया, जिसे ग्रामीणों ने दौड़ाकर पकड़ लिया। इसके साथ चल रहा दूसरा वाहन व्यापारी छोड़कर भाग गए।
एसओ अमर सिंह यादव को सूचना मिली कि मिनी ट्रक में प्रतिबंधित पशु मिर्जापुर की तरफ से कलान होकर बदायूं की तरफ जा रहा है। इस पर एसओ ने बाराकलां पुलिस चौकी के पास ट्रक को रोका तो चालक ट्रक छोड़कर भाग लिया और हेल्पर को मौके पर ही दबोच लिया गया, लेकिन चालक को भी कुछ दूर पर ग्रामीणों ने पकड़ कर पुलिस को साैंप दिया। वहीं ट्रक के कुछ दूर पर एक इंडिका कार में चल रहे कई व्यापारी कार को छोड़ कर भाग गए। पुलिस ने ट्रक खोलकर देखा तो उसमें 23 प्रतिबंधित पशु भरे थे। जब उनको निकाला तो चार मृत मिले। जीवित पशुओं को ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दे दिया गया। चालक व हेल्पर को थाने लाया गया। पूछताछ करने पर चालक ने अपना नाम रघुवीर पुत्र राजू निवासी सहकारी गन्ना समिति खतौली जिला मुजफ्फरनगर बताया और हेल्पर ओमवीर सिंह पुत्र निर्मल सिंह जसवंत मुजफ्फरनगर बताया। दोनों ने बताया कि उसने पशुओं को जनपद उन्नाव से लादा और रामपुर ले जा रहे थे उसके पीछे चार व्यापारी कार से चल रहे थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
प्रतिबंधित पशुओं से भरा कैंटर पकड़ा
मिर्जापुर। पुलिस ने शुक्रवार सुबह चार बजे जान पर खेलकर फर्रुखाबाद रोड पर गांव जरीनपुर में ढाईघाट चौराहे पर 40 प्रतिबंधित पशुओं से भरे कैंटर को पकड़ा है। कैंटर चालक ने पुलिस की जीप में टक्कर मारकर पुलिस कर्मियों की हत्या का प्रयास किया। इससे पुलिस की जीप असंतुलित होकर रोड के नीचे खंती में जा गिरी। पुलिस वाहन के दुर्घटना ग्रस्त होते ही कैंटर में सवार दो पशु तस्कर कैंटर से कूद कर भाग गये। पुलिस ने दो अज्ञात लोगों के विरूद्ध पशु क्रूरता व गौवध निवारण अधिनियम तथा पुलिसकर्मियों की हत्या के प्रयास का मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस को सूचना मिली कि प्रतिबंधित पशुओं से भरा नागालैंड प्रांत के नंबर का एक कैंटर मिर्जापुर थाना क्षेत्र से होकर रामपुर जा रहा है। थाने के एसआई विनोद यादव व कुलदीप मिश्रा, कांस्टेबिल रूपसिंह यादव, सुरजीत सिंह, शैलेंद्र कुमार शुक्ला और विवेकानंद मिश्रा के साथ फर्रूखाबाद रोड पर गांव जरीनपुर में ढाईघाट चौराहे पर कैंटर के आने का इंतजार करने लगे।
सुबह लगभग चार बजे नागालैंड के नंबर वाले कैंटर को आते देख पुलिस टीम ने उसे रोकने का इशारा किया। चालक ने कैंटर रोकने के बजाय पुलिस जीप में टक्कर मारकर भागने का प्रयास किया, लेकिन पहले से ही सर्तक पुलिस जीप चालक शिवकुमार शुक्ला ने वाहन का बचाव किया। इससे जीप असंतुलित होकर रोड किनारे खंती में जा गिरी। जीप में बैठे पुलिसकर्मी एक दूसरे पर गिरकर चोटिल हो गये। कैंटर को खोलकर देखा गया तो उसमे 40 प्रतिबंधित पशु भरे गये थेे। पुलिस ने ग्रामीणों के सहयोग से पशुओं को जब कैंटर से उतारा, तो नौ पशु मृत अवस्था में थे। जबकि जीवित 31 पशुओं को ग्रामीणों की सुपुर्दगी में दे दिया गया।
पशुओं की तस्करी के लिए ही बनवाया गया था कैंटर
प्रतिबंधित पशुओं की तस्करी के लिए ही स्पेशल तरीके से कैंटर को बनवाया गया था। चारों तरफ से पूरी तरह बंद कैंटर में हवा के लिए छत पर चार वर्ग फिट में इस तरह खुला रखा गया था कि किसी को आगे पीछे और सामने से देखने में पता न चल सके।
मृत दरोगा को दी गई श्रद्धांजलि
कलान। भाजपा की बैठक कस्बा में हुई। इसमें पशु तस्करों को पकड़ने गए दरोगा मनोज पांडेय के शहीद होने पर उनको श्रद्धांजलि दी गई। शोक व्यक्त करने वालों में रविंद्र आजाद, राहुल तिवारी, मनोज कुमार यादव, सुनील कुमार, बृजपाल श्रीवास्तव, पंकज गुप्ता, अर्जुन गुप्ता,राघव भारतीय आदि मौजूद रहे।