चार दिन बीत जाने के बाद भी झोलाछाप व उसके बेटे को छुड़ाया नहीं जा सका है। इस मामले में पुलिस ने झोलाछाप के दूसरे बेटे सुमित वर्मा की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ बंधक बनाने और फिरौती मांगने की रिपोर्ट दर्ज कर ली है। उधर, बंधन मुक्त होकर घर पहुंचे नर्स के बेटेे से पूछताछ में पुलिस को कई अहम सुराग मिले, जिसके आधार पर पुलिस छानबीन कर रही है।
सुमित की ओर से दर्ज रिपोर्ट में कहा गया है कि कुछ दिन पहले उसके पिता देवेंद्र वर्मा किसी का इलाज करनेे इंदौर गए थे। उनके साथ उसका भाई अमित वर्मा और नर्स का पुत्र सूरज भी गउ थे। 15 जनवरी को उसके पिता के मोबाइल से घर वालों के पास फोन आया कि उन लोगों को इंदौर में बंधक बना लिया है और उन्हें छोड़ने के एवज में दस लाख रुपये की मांग की जा रही है। जल्द रुपयों की व्यवस्था कर तीनों लोगों को छुड़ा लो।
उधर, रविवार को नर्स का बेटा सूरज वहां से किसी तरह भागकर अपने घर गया, जिससे पूछताछ में पुलिस को कई तथ्य हाथ लगने की बात कही जा रही है। मगर चार दिन बीत जाने के बाद भी झोलाछाप और उसके बेटे अमित का पता न लगने से पुलिस के आला अधिकारी भी परेशान हैं। थाना पुलिस के अलावा एसओजी टीम भी इंदौर भेजी गई है। इस मामले की मानीटरिंग खुद डीआईजी कर रहे है।
यह है मामला
बरेली रोड पर क्लीनिक चलाने वाले झोलाछाप देवेंद्र वर्मा अपने बेटे अमित वर्मा तथा एक नर्स के पुत्र सूरज के साथ 12 जनवरी को इंदौर गए थे। चर्चा है कि झोलाछाप किन्नर बनाने का अवैध धंधा करता था। कुछ माह पहले इंदौर के एक युवक को किन्नर बनाने की भी चर्चा है। इसी का बदला लेेने को किन्नर बनाए गए युवक के परिजनों ने झोलाछाप उसके बेटे और नर्स के बेटा को धोखे से इंदौर बुलाया और बंधक बना लिया।