जगेंद्र मौत प्रकरण भले ही सरकार और पीड़ित परिवार के बीच समझौते के बाद खत्म हो गया हो, लेकिन घटना की मजिस्ट्रेटी जांच बुधवार को भी जारी रही। घटना वाले दिन झुलसी हालत में अस्पताल पहुंचे जगेंद्र का प्राथमिक उपचार करने वाले जिला अस्पताल के डॉक्टरों और वार्ड ब्वॉय ने कलक्ट्रेट जाकर मजिस्ट्रेटी जांच कर रहे एडीएम (वित्त एवं राजस्व) पीके श्रीवास्तव को बयान कलमबंद दिए।
एडीएम ने इस संबंध में घटना के बारे में कथन और साक्ष्य आमंत्रित करने को अंतिम तिथि 18 जून नियत की थी। बाद में यह अवधि बढ़ाकर 24 जून कर दी, क्योंकि मामले से संबंधित सभी पक्षकारों के बयान नहीं हो पाए। बुधवार को जांच के अंतिम दिन जिला अस्पताल में जगेंद्र का इलाज करने वाले इंचार्ज मेडिकल ऑफीसर डॉ. नेपाल सिंह, सर्जन डॉ. महेंद्र कुमार, वार्ड ब्वॉय रामचंद्र गुप्ता और राजेंद्र प्रसाद ने अपने बयान कलमबंद कराए। एडीएम श्रीवास्तव के अनुसार जांच की अवधि पूरी हो चुकी है, लेकिन जरूरत पड़ी तो जांच अवधि और बढ़ा दी जाएगी। सभी लोगों के साक्ष्यों और कथनों का अध्ययन करने के बाद निष्कर्ष सहित रिपोर्ट डीएम को प्रस्तुत करेंगे।