रविवार को खुटार पहुंचे डीआईजी ने परिवार के लोगों से बंद कमरे में बात की और सांत्वना देकर चले गए।
डीआईजी धरना स्थल के पास न रुककर सीधे जगेंद्र सिंह के घर गए और वहीं पर परिवार के लोगों को बुला लिया।
जगेंद्र के पुत्र राघेंद्र ने बताया कि डीआईजी ने उन लोगों को केवल सांत्वना देकर न्याय मिलने की बात कही। अभी तक जो भी अधिकारी मौके पर पहुंचे उन्हीं की तरह डीआईजी ने भी रटे रटाए शब्दों में जल्द ही मामले का खुलासा कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई आदि का आश्वासन दिया और चले गए। मामले की सीबाआई जांच, आरोपियों को जेल भेजे जाने की मांग पर उन्होंने जांच चल रहे होने की बात कहकर मामले को टाल दिया।
डीआईजी की बात से संतुष्ट नहीं दीक्षा
खुटार। जगेंद्र की बेटी दीक्षा उर्फ रचना ने कहा कि वह डीआईजी के रवैए से संतुष्ट नहीं है। पुलिस पिता की हत्यारोपियों को पूरी तरह से बचाने में लगी है। यही कारण है कि डीआईजी उनके पिता की मौत के तेरह दिन बाद खुटार आए और खानापूरी कर चले गए।
जगेंद्र के घर में हुआ शुद्धि हवन
खुटार। जगेंद्र सिंह की तेरहवीं पर परिवार के लोगों ने घर में हवन किया। इस दौरान कई लोगों ने धरनास्थल पर ही भोजन कर तेरहवीं मनाने की घोषणा की। जगेंद्र सिंह की तेरहवीं पर रविवार सुबह से ही तमाम रिश्तेदार उनके घर आ पहुंचे थे। डीआईजी के जाने के बाद घर में हवन पूजन किया गया और लोगों को भोजन कराया गया। इस दौरान कई लोगों ने धरना स्थल पर ही भोजन किया।