गत 21 दिसंबर को पुवायां थाना क्षेत्र में 540 बोरा लदे ट्रक को लूटने वाले गिरोह की तफ्तीश में जुटी पुलिस टीमों को बीती देर रात अंतर जनपदीय अनाज लुटेरा गिरोह को पकड़ने में बड़ी कामयाबी मिली। मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर पुवायां और रोजा थाना की पुलिस टीमों के साथ क्राइम ब्रांच के इंटेलिजेंस और सर्विलांस विंग टीमों ने रोजा क्षेत्र में अटसलिया रेलवे फाटक के पास बरनई मोड़ पर जुटे लुटेरों की घेराबंदी की। पुलिस ने लुटेरों को आत्मसमर्पण के लिए कहा तो जवाब में लुटेरों ने फायरिंग झोंक दी, लेकिन पुलिसकर्मी इसमें बाल-बाल बचे और साहस एवं बुद्धि कौशल से गिरोह के सात लोगों को धर दबोचा, जबकि दो भाग निकले। इनके पास से लूटे गए चावल की 303 बोरियां, लूट में इस्तेमाल की जाने वाली बोलेरो और क्वालिस, लूटी गई ट्रक, बंडा राइस मिल के खाली बोरे, दो तमंचे, ट्रकों की टंकी से तेल निकालने वाली दो पाइपें और प्लास्टिक कैन मिले हैं।
बता दें कि रोजा में बीती रात पुवायां में लूटे गए ट्रक के चावल की बरामदगी की खबर अमर उजाला ने रविवार के अंक में प्रमुखता से प्रकाशित की है। बीती रात मुठभेड़ में फरार लुटेरों में उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर के किच्छा थाना के पंजाबी कॉलोनी निवासी कल्लू सिंह और रोजा के हथौड़ा बुजुर्ग का रहने वाला वाशिद शामिल है। गिरफ्त में आए लुटेरों में ऊधम सिंह नगर (उत्तराखंड) के किच्छा थाना के मोहल्ला बंग्लादेश निवासी राजू सिंह के अलावा रोजा के हथौड़ा बुजुर्ग में रहने वाले गुलशन, बबलू, आशीष पांडेय उर्फ मोनू, रितेश, बन्ने और खुशी मोहम्मद शामिल हैं। पूछताछ में इन सभी ने बताया कि ये लखीमपुर खीरी, सीतापुर, हरदोई, फर्रुखाबाद, बरेली, पीलीभीत आदि जनपदों में हाईवे और प्रमुख संपर्क मार्गों पर सक्रिय रूप से लगातार वारदात करते आ रहे हैं। इनके पास अपने बड़े वाले चार पहिया वाहन हैं और उसी से रात को शिकार की तलाश में निकलते हैं। धान और गेहूं के सीजन में सुनसान सड़क पर अनाज लदे ट्रक लूटते हैं और दांव लगने पर ट्रेनों की रैकों से अनाज उतार लेते हैं। क्षेत्र के मंडियों में ये बाजार भाव से कम दर पर लूटे हुए अनाज बेचते हैं और इसके लिए इनका कई आढ़तियों से बेहतर कारोबारी संबंध भी है। ऑफ सीजन में ये र्हाईवे पर लंबी दूरी के ट्रकों के तेल टंकी से डीजल चुराकर उसे खुले बाजार में सस्ते दर पर बेचकर अपना जीवनयापन करते हैं।
प्रेसवार्ता में एसपी बबलू कुमार ने बताया कि लूट की वारदात करने के बाद इस गिरोह के सदस्य पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए उत्तराखंड में जा छुपते हैं। गिरोह द्वारा की लूट की घटनाओं और इनसे जुड़े कारोबारियों के रैकेट का ब्योरा खंगाला जा रहा है। प्रेसवार्ता में एसपी देहात मनीराम यादव और सीओ पुवायां उमेश चंद्र शर्मा मौजूद थे।
डीआईजी ने पुलिस टीम
को नगद इनाम दिया
शाहजहांपुर। अनाज कारोबारियों और राइस मिलर्स के लिए खौफ का पर्याय बने अंतर जनपदीय अनाज लुटेरा गिरोह का खुलासा करने वाली शाहजहांपुर पुलिस टीम को डीआईजी बरेली रेंज आरकेएस राठौर ने 10 हजार रुपये नगद पुरस्कार प्रदान करने की घोषणा की है। इस टीम में पुवायां थाना प्रभारी राजकुमार सिंह यादव, कांस्टेबल कप्तान सिंह और राजेश कुमार, रोजा के सिंह एसआई हरिनाथ सिंह, हेड कांस्टेबल रविकांत शुक्ला और कांस्टेबल रामलखन अवस्थी, इंटेलिजेंस विंग से विजय भान सिंह, जय प्रकाश सिंह और कांस्टेबल चालक मनोज कुमार एवं सर्विलांस सेल के राजीव कुमार शामिल थे।
रोजा मंडी का आढ़ती राममूर्ति गिरफ्तार
शाहजहांपुर। अनाज लुटेरा गिरोह के लूट के अनाज को खुले बाजार में खपाने में सक्रिय भागीदारी निभाने वाले रोजा मंडी के आढ़ती राममूर्ति गुप्ता और उसके सहयोगी डीलचंद को गिरफ्तार किया गया है। यह आढ़ती कोतवाली क्षेेत्र के मोहल्ला भाटनटोला का निवासी है। पूछताछ में उसने लुटेरों से अच्छे कारोबारी रिश्ते होने की बात कबूली है। पुलिस को इसने ने बताया कि बाजार भाव से काफी कम दर पर इन लुटेरों से मिलने वाले अनाज से मुनाफे में अच्छी मार्जिन के लालच में वह इनसे जुड़ा हुआ था।