जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) के शासी निकाय की रविवार को विकास भवन सभागार में हुई बैठक में जिले के माननीय इंदिरा आवासों के आवंटन में गड़बड़ी को लेकर भड़क उठे। सांसद कृष्णा राज समेत सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने आवासों की पात्रता के मानक को लेकर सवाल खड़े किए और जांच के बाद ही लाभार्थियों को धनराशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव पारित किया।
इंदिरा आवास योजना को लेकर चर्चा होने पर सांसद सहित पिछड़ा वर्ग कल्याण राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा, भाजपा विधानमंडल दल के नेता एवं नगर विधायक सुरेश कुमार खन्ना, सपा विधायक राजेश यादव, बसपा विधायक रोशन लाल वर्मा और एमएलसी संजय मिश्र सरकारी तंत्र पर खूब बरसे। इन सभी ने एक स्वर से इस बात पर आपत्ति की कि पात्रता के मानकों की शासी निकाय समिति को जानकारी नहीं दी गई।
बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष नीतू सिंह और मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र बहादुर सिंह ने माननीयों की आपत्ति को स्वीकर करके बीच का रास्ता निकालने की तरकीब अपनाई। तय किया गया कि वित्त वर्ष समाप्त होने के मद्देनजर इंदिरा आवासों केलिए लाभार्थियों को दी जाने वाली धनराशि आहरित कर ली जाए। शर्त यह होगी कि खंड विकास अधिकारी से एक सप्ताह में दोबारा सत्यापन कराने पर सही पाए गए लाभर्थियों को धनराशि दी जाएगी।
जन प्रतिनिधियों ने लोहिया आवासों की पात्रता को भी लेकर असहमति जाहिर की। इस मुद्दे पर भी धनराशि लैप्स होने से बचाने के लिए उसके आहरण का निर्णय किया गया। तय किया गया कि यह धनराशि भी लाभार्थियों को दोबारा सत्यपन होने के बाद दी जाएगी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने जन प्रतिनिधियों के निर्णय से सहमति जताई। इस मौकेपर सांसद ने गांवों में इंडिया मार्क हैंड पंप नहीं लगाए जाने का मुद्दा भी उठाया। इन्हीं बिंदुओं पर समय खर्च हो जाने के कारण अन्य बिंदुओं पर विार अगली बैठक को टाल दिया गया। इस मौके पर डीआरडीए के परियोजना निदेशक चंद्रशेखर शुक्ला, डीडीओ पीपी त्रिपाठी, सपा नेता उपेंद्र पाल सिंह आदि मौजूद रहे।