सहतेपुर गांव के गन्ने के दो खेतों में अवैध असलाह बनाने की फैक्ट्रियां चलाई जा रही थीं। चलने की सूचना ने पुलिस को चौंकाया। निगोही पुलिस ने खेतों में छापा मारकर दोनों फैक्ट्री जब्त कर लीं। दो फैक्ट्री संचालक मौके पर दबोच लिए गए। जबकि उनका तीसरा साथी फरार हो गया।
एसपी सिटी राजेश कुमार और सीओ सदर अनुराग दर्शन ने बताया कि रविवार रात सहतेपुर गांव में बाबूजी उर्फ अनिल के गन्ने के खेत में अवैध असलाह बनाने की फैक्ट्री चलने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस ने दबिश देकर मौके पर बने और अधबने तमंचों के अलावा शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद हुए। मौके पर फैक्ट्री संचालक महिपाल को दबोच लिया गया। सोमवार सुबह इसी गांव के पश्चिम में स्थित किशन के खेत में दबिश दी गई। जहां भटपुरा निवासी छोटेलाल को अवैध शस्त्र बनाने रंगेहाथ पकड़ लिया। वहां भी अवैध तमंचे और असलाह बनाने का सामान मिला। हालांकि उसका साथी टोड़ीलाल मौके से फरार हो गया। एसपी सिटी ने बताया कि यहां अवैध असलाह बनाने का धंधा पिछले कई साल से चल रहा था। पुलिस टीम में निगोही थानाध्यक्ष रजी अहमद, एसआई सुनील कुमार त्रिपाठी, प्रोन्नत दरोगा सोबरन सिंह, कांस्टेबल महेश यादव और नरेंद्र सिंह आदि रहे।
12 से 1800 रुपये में बेचते
पकड़े गए महिपाल और छोटेलाल ने बताया कि एक तमंचा 12 से 1800 रुपये तक बेचते थे। उनके बनाए असलाह निगोही के अलावा तिलहर, बंडा, बीसलपुर आदि में इलाकों में बेचे जाते हैं। उन्होंने नियमित खरीददारों और बिचौलियों के बारे में कई रोचक जानकारियां दीं।