जलालाबाद क्षेत्र के गांव बड़े हरेवा में दलित महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने के मामले में आरोपियों का पुलिस द्वारा बचाव होते देख पीड़ित परिवारों ने कठेरिया समाज कल्याण समिति के पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। समिति के जिलाध्यक्ष राजाराम ने राज्यपाल के नाम प्रभारी सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन देकर सभी 11 आरोपियों को जेल भेजे जाने, पीड़ित परिवारों को 20-20 लाख रुपये मुआवजा, सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस दिए जाने आदि मांगों पर जोर दिया।
गत 16 मई को बड़े हरेवा में कश्यप बिरादरी की एक लड़की को भगा ले जाने की रंजिश में बिरादरी के लोगों ने आरोपी युवक संतोष पक्ष के दलित परिवारों के घरों पर धावा बोलकर पांच महिलाओं को निर्वस्त्र करके गांव में घुमाया था। मामला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चित होने के बाद सरकार ने पीड़ितों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी दी, लेकिन पुलिस ने विवेचना में 11 आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया।
इसी के विरोध में पीड़ित परिवारों की महिलाओं और पुरुषों ने समिति के पदाधिकारियों के साथ कलक्ट्रेट में प्रदर्शन कर धरना दिया। बाद में राज्यपाल के नाम ज्ञापन देकर एफआईआर में दर्ज सभी मुल्जिमों को जेल भेजने, संतोष के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट में निर्दोषों को आरोप मुक्त करने, पीड़ित परिवारों को सरकारी आवास देने, गांव में स्थायी पुलिस चौकी स्वीकृत करने आदि मांगों का उल्लेख करते हुए कहा कि 15 दिन में ठोस कार्रवाई नहीं होने पर समिति के कार्यकर्ता आंदोलन छेड़ देंगे। धरना-प्रदर्शन में समिति के जिला महामंत्री अशोक कुमार, शिव सिंह कठेरिया, राजपाल, रामलड़ैते, पोखे लाल आदि शामिल रहे।