गांव बड़ागांव निवासी रामसागर पांडे का 18 वर्षीय पुत्र हरिओम गांव के पंचायत राज इंटर कालेज में हाईस्कूल का छात्र था। रामसागर के अनुसार एक वर्ष से उसका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था। कुछ दिन के लिए सही हो जाने के बाद वह फिर से बीमार पड़ जाता था। बुधवार रात उसने मकान के बाहर पाकड़ के पेड़ में फांसी लगाकर जान दे दी। सुबह परिवार के लोगों ने उसे फांसी पर झूलता देखा तो परिवार में कोहराम मच गया। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया।