पुवायां के खुटार रोड निवासी निरंकार सिंह ने एएसपी को पत्र देकर बताया कि उसकी बरेली के एक गांव निवासी व्यक्ति से जान पहचान थी। उसने कहा कि उसका भाई और दामाद विदेश में है और वह पांच लाख रुपये में जार्डन का वर्क वीजा दिला देंगे। 50 हजार रुपए प्रतिमाह नौकरी दिलाने की बात कहते हुए उससे पांच लाख रुपये खर्च आने की बात कही। उसने कार बेचकर और आढ़ती से रुपये उधार लेकर 18 अगस्त को दो लाख रुपये दिए और नौ सितंबर को उससे तीन लाख रुपये और ले लिए गए। अगले दिन रुपये लेने वाले उसे दिल्ली ले गए और वहां से जार्डन भेज दिया। जार्डन पहुंचकर उसे पता चला कि उसका वर्क वीजा न बनवाकर टूरिस्ट वीजा बनवाया गया है। उसने रुपये लेने वाले के दामाद और भाई से शिकायत की तो उसे कमरे में बंद कर मारपीट की गई। बमुश्किल वहां से बचकर घर आया। अब वह लोग उसके रुपये वापस नहीं कर रहे हैं। पीड़ित ने कार्रवाई कराने की मांग की है। थाना पुलिस ने बताया कि इस संबंध में तहरीर या उच्चाधिकारियों का निर्देश मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।