दोनों पक्षों की लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार को कोर्ट ने लड़की को दोनों पक्षों में से किसी के भी साथ जाने के लिए स्वतंत्र कर दिया था। इसके बाद पुलिस ने कथित रूप से लड़की के कहने पर उसे उसकी दादी के सुपुर्द कर दिया था, लेकिन दादी लड़की को लेकर अब तक गांव में नहीं पहुंची हैं। इससे प्रेमी संतोष के परिवार वाले बेहद घबराए हुए हैं। उन्होंने लड़की को अपनी सुपुर्दगी में लेने के प्रयास तेज कर दिए हैं।
हरेवा मामले में अदालत के फैसले के बाद लड़की अपनी दादी के साथ चली गई, लेकिन दूसरे दिन तक गांव नहीं पहुंची तो गांव में तरह तरह की चर्चाएं होने लगीं। इससे लड़के के घरवाले परेशान हैं और डरे हुए भी हैं। उनका आरोप है कि पुलिस इस मामले में पक्षपात कर रही है। अदालत के लड़की को अपनी इच्छा से कहीं भी जाने के लिए स्वतंत्र करने और लड़की के संतोष के घर ही जाने की बात कहने के बावजूद पुलिस ने उसे डरा-धमकाकर दादी के साथ भेज दिया।
इस मामले का पटाक्षेप हो जाने के बाद से गांव में चहल-पहल बढ़ गई है। लोग अब बेखौफ होकर अपने रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए घरों से निकलने लगे हैं। हालांकि गांव में ऐतिहातन पुलिस और पीएसी का पहरा अभी भी बरकरार है। गांव के लोगों के बीच चर्चा है कि दादी लड़की को लेकर शाहजहांपुर स्थित अपने किसी रिश्तेदार के यहां ठहरी हुई हैं।
उधर, बुधवार को अदालत के फैसले से लड़की मिल जाने की उम्मीद लगाए बैठे लड़का पक्ष के लोगों को जब निराशा हाथ लगी तो वह बृृहस्पतिवार को दोबारा अपने वकील के पास पहुंचे और लड़की को सुपुर्दगी में लेने की बात कही। इस संबंध में पूछे जाने पर लड़का पक्ष के एक व्यक्ति ने कहा कि शुक्रवार को उनका वकील कोर्ट में अर्जी डालकर लड़की अपनी सुपुर्दगी में दिलाने की मांग करेगा।