जीएफ कॉलेज में फीस जमा करने को लेकर एनएसयूआई के पदाधिकारियों और संबंधित क्लर्क के जमकर नोकझोंक हो गई। छात्र नेताओं ने कॉलेज प्रशासन और स्टाफ पर अभद्रता का आरोप लगाते हुए उनके खिलाफ नारेबाजी की और कॉलेज गेट पर ताला डालकर धरने पर बैठ गए। बाद में कॉलेज प्रशासन का पुतला भी फूंका। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र नेताओं को समझाकर मामला शांत कराया। एनएसयूआई के जीएफ कॉलेज इकाई अध्यक्ष फैज और नगराध्यक्ष इरफान हसन ने बताया कि वह कॉलेज में फीस जमा करने गए थे। फीस जमा करने को लेकर काउंटर पर क्लर्क औरंगजेब से नोकझोंक हो गई। आरोप है कि क्लर्क औरंगजेब गाली-गलौज करते हुए हाथापाई पर उतर आए। इस पर छात्र भड़क गए और उन्होंने कॉलेज गेट बंद करके नारेबाजी शुरू कर दी। गेट पर छात्रों ने धरना देकर कॉलेज प्रशासन का पुतला फूंक दिया। इसी बीच संगठन के जिलाध्यक्ष कैफ हसन खां और महासचिव प्रिंस श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। वहीं, कॉलेज की सूचना पर कैंट पुलिस भी कॉलेज पहुंच गई। चौकी इंचार्ज आसिफ अली ने दोनों पक्षों से बात कर मामले की जानकारी ली और सभी को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया। इधर, जिलाध्यक्ष कैफ हसन खां और महामंत्री प्रिंस श्रीवास्तव ने भी छात्रों को समझाकर धरना खत्म कराया। धरना-प्रदर्शन करने वालों में रजा, नदीम, अख्तर रजा, जैनुल, नाजिम, अनीस खां, मो. शादाब, मो. अकरम, फैसल, रिजवान, अकील अहमद, मुनीर, फराज, दिलशाद खां, शाहरुख खां, नाजिम, कामरान खां, शोएब, आदिल, आमिर, अंकित, सलमान, अमन, विनीत, आदीब, फुरकान, रोहित, संजय, शेखर आदि शामिल रहे। कुछ आउटसाइडर्स माहौल खराब कर रहे हैं कुछ आउटसाइडर कॉलेज का माहौल खराब करना चाहते हैं। हालांकि मैं आज छुट्टी पर था, बाद में मामले की जानकारी हुई। एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष कॉलेज के बारे में अच्छी तरह जानते हैं, उन्होंने पुलिस के साथ सभी को समझाने का प्रयास किया। लिपिक औरंगजेब सरकारी काम करता है, उससे उलझने की जरूरत ही नहीं थी। एक-दो लड़के जो कॉलेज के छात्र भी नहीं हैं, वही माहौल खराब करना चाहते हैं। फिलहाल उनके खिलाफ तहरीर दे दी गई है। - डॉ. अकील अहमद, प्राचार्य जीएफ कॉलेज