गांव इटौली निवासी रामसरन ने कोर्ट के आदेश पर दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि कई साल पूर्व गांव गुधनी के रामनाथ, सियाराम, नन्हेंलाल और वेदराम ने गांव सुनारा बुजुर्ग में अपनी जमीन बताते हुए बिक्री करने की बात कही। इसके कुछ दिन सौदा तय होने पर उक्त लोगों ने उन्हें बैनामा कर दिया। वर्षों बाद उन्हें तहसील से पता लगा कि उन्होंने जिससे जमीन खरीदी है वह तो उनकी नहीं थीं। इसके बाद उन्होंने धोखाधड़ी करने की शिकायत की तो वह झगड़ा करने पर आमादा हो गए। पुलिस को तहरीर देने पर मामले की रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। उच्चाधिकारियों को प्रार्थनापत्र देने के बाद भी सुनवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट की शरण ली। सोमवार को पुलिस के कोर्ट के आदेश पर गांव गुधनी निवासी रामनाथ, सियाराम, नन्हेंलाल और वेदराम के खिलाफ मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली है।