जिले में लकड़ी माफिया धड़ल्ले से हरे पेड़ों की कटान कर रहे हैं। इनके अलावा जिन्होंने परमिट ले भी रखी है, वह उसकी आड़ में प्रतिबंधित पेड़ों की कटान कर रहे हैं।
यूकेलिप्टस व पापुलर जैसे पेड़ों की आड़ में बगैर परमिट के ही शीशम, पीपल, नीम, आम जैसे वृक्षों की धड़ल्ले से कटान की जा रही है।
हरे पेड़ों की कटान रोकने के लिए वन विभाग कितना गंभीर है, इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि विगत वर्ष में अवैध कटान के दो दर्जन से अधिक मामले सामने आए, लेकिन इनमें से मात्र पांच पर ही कार्रवाई हो सकी। वह भी कुछ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
घर व दुकान निर्माण में यदि पेड़ बाधक बने, तो बगैर परमिट के ही ऐसे पेड़ों को काट दिया जाता है। ऐसे लगभग 30 मामले बीते वर्ष में सामने आए। यह अलग बात है कि अधिकांश शिकायतों को नजर अंदाज कर दिया गया।