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फर्जीवाड़ा करके बैंक से निकाले 99 हजार रुपये

Sun, 17 May 2015 12:20 AM IST
शाहजहांपुर
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बियरर चेक पर ओवरराइटिंग करके एक बैंक खाताधारक के खाते से 99 हजार रुपये निकाल लिए गए। इसकी जानकारी होने पर खाताधारक ने मामले की शिकायत सदर बाजार पुुलिस थाना में की। साथ ही बैंक कर्मियों पर मिलीभगत का आरोप लगाते हुए कार्रवाई करने की मांग की है।
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मोहल्ला हुंडाल खेल के प्रशांत शुक्ला की आराध्या इंटरप्राइजेज के नाम से फर्म है। प्रशांत ने फर्म पर कार्यरत कर्मचारी अमित शर्मा को 99 हजार के बियरर चेक को ‘फॉर नेफ्ट’ के जरिए गाजियाबाद की माजा हेल्थ केयर डिवीजन में 14 मई को जमा करने के लिए भेजा। बैंक कर्मचारी ने जर्मा पर्ची बिना काउंटर फोलियो के मुहर लगाकर अमित को दे दिया।
इसके बाद शुक्रवार को प्रशांत ने कंपनी में धनराशि पहुंचे जाने की बात पूछी। इस पर कंपनी के कर्मचारी धनराशि न मिलने की बात कही। प्रशांत ने बैंक में रुपये ट्रांसफर न होने की बात कही तो बैंक कर्मियों ने धनराशि ट्रांसफर किए जाने की बात कही। इस पर प्रशांत ने बैंक मैनेजर को इस मामले से अवगत कराया तो पता चला कि 99 हजार रुपये का भुगतान किसी खाते में न होकर नगद हुआ है।
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प्रशांत ने आरोप लगाया कि बैंककर्मियों ने मिलीभगत करके धनराशि को निकाल दिया। कहा कि इतनी बड़ी धनराशि निकालने के लिए कोई भी पहचान पत्र या पैन कार्ड नहीं लिया गया। कहा कि बैंककर्मियों ने उन लोगों को गुमराह करते हुए बैंक में ही बैठाले रखा। प्रशांत ने पुलिस से दोषी बैंककर्मी पर रिपोर्ट दर्ज करके कार्रवाई करने की गुहार लगाई।

एफओआर एनईएफटी का किया फोरुक नीथ
फर्जीवाड़ा करके बैंक से रुपये निकालने के लिए बड़ी चालाकी के साथ काम किया गया। प्रशांत शुक्ला द्वारा भेजी गई बियरर चेक में एफओआर एनईएफटी (फॉर नेफ्ट) अंकित था। इसे रुपये निकालने वाले व्यक्ति ने एफओआरयूके एनईईटी (फोरुक नीथ) कर दिया गया। बैंक कर्मी ने भी बिना कुछ सोचे-समझे रुपये का भुगतान कर दिया।  

‘बियरर चेक में भुगतान लेने वाले से पैन कार्ड या आईडी लेने का नियम नहीं है। इस वजह से भुगतान करते वक्त यह प्रपत्र नहीं लिए गए हैं। इसके लिए बैंककर्मियों को दोषी नहीं ठहराया जा सकता है। हो सकता है कि आराध्या इंटरप्राइजेज फर्म का कर्मचारी इस मामले में मिला हो। इस मामले में जांच होने से पहले किसी को दोषी ठहराया जाना अनुचित है। बैंक अपने स्तर से मामले की जानकारी कर रही है।’
- विनीत शर्मा, शाखा प्रबंधक, केनरा बैंक

सीसीटीवी की लोकेशन जानता था रुपये निकालने वाला
शाहजहांपुर। आराध्या इंटर प्राइजेज के प्रशांत शुक्ला के बियरर चेक में फर्जीवाड़ा करके रुपये निकालने वाले व्यक्ति को बैंक की पूरी जानकारी थी। इसी वजह से उसका चेहरा एक बार भी कैमरे के सामने नहीं आया, जबकि दो बार में वह करीब 15 मिनट तक बैंक में मौजूद रहा।
केनरा बैंक शाखा में चार कैमरे लगे हुए हैं। इसमें एक कैमरा बैंक के मुख्य गेट के सामने लगा हुआ है। दूसरा कैमरा बैंक के लॉन में, तीसरा ब्रांच मैनेजर के रूम में और चौथा कैश काउंटर के कक्ष में लगा हुआ है। प्रशांत के रुपये निकालने की शिकायत करने पर जब बैंक मैनेजर ने सीसीटीवी कैमरों को चेक किया तो हैरान रह गए। क्योंकि एक बार चेक जमा करते समय और दूसरी बार रुपये निकालते वक्त वह व्यक्ति काफी देर तक खड़ा रहा। उसकी पोजीशन ऐसी रही कि एक बार भी उसका चेहरा कैमरे के सामने नहीं हुआ, जिससे उसकी स्पष्ट तस्वीर सामने आ सके। तीनों कैमरों से बचकर उसने 99 हजार रुपये निकाल लिए। इससे पता चलता है कि उसे बैंक के सीसीटीवी कैमरों की लोकेशन पता था कि बैंक में कैसे रहा जाए, जिससे कि उसका चेहरा कैमरे के सामने न आए।
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