चार चरणों में होने वाले ग्राम प्रधानी के चुनाव के लिए शनिवार को पुलिस-प्रशासनिक अधिकारियों की समीक्षा बैठक लेते हुए डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार ने दो टूक निर्देश दिया कि वोट डालने के लिए कतार में जहां भी अव्यस्क मतदाता पकड़ में आएं उसके साथ ही उसके अभिभावकों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाए। ऐसे वोटरों को बूथ पर अपने साथ आईडी के साथ ही आयु को प्रमाणित करने वाला शैक्षिक प्रमाण पत्र भी साथ रखना अनिवार्य होगा। बीते जिला और क्षेत्र पंचायत चुनाव के दौरान जिले में पकड़ में आए ऐसे अनगिनत मामलों के मद्देनजर इस बार यह व्यवस्था अपनाई गई है।
निर्वाचन ड्यूटी पर लगाए गए मजिस्ट्रेट, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस कर्मियों को स्पष्ट कर दिया गया कि कोई भी प्रत्याशी बिना अनुमति के मीटिंग, लाउडस्पीकर, टेंट लगाता मिले तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई करें। साथ ही वोटरों को लुभाने को गांव में शराब बांटने वालों, भोज देने वालों, पैसा और अन्य वस्तुएं बांटने वालों को पकड़ कर हवालात में डालें। इसके लिए अपने संपर्क सूत्र के माध्यम से जानकारी कर छापा मारने का निर्देश दिया गया है। डीएम ने ऐसे मामलों में तत्काल पूरी रिपोर्ट से अपडेट करते रहने को कहा।
यह भी निर्देश दिया कि सभी प्रत्याशी, उनके प्रस्तावक और उनके एजेंट को भारी मुचलके के तहत अनिवार्य रूप से पाबंद करें। मात्र नोटिस भेजकर ही औपचारिकता न निभाई जाए, बल्कि 116(3) के अंतर्गत संबंधित मजिस्ट्रेट आदेश पारित कर पाबंद करें। बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी सीडीओ पुलकित खरे, अपर जिलाधिकारी प्रशासन एमएन उपाध्याय, अपर जिलाधिकारी वित एवं राजस्व पीके श्रीवास्तव, अपर पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) मनीराम यादव सहित सभी मजिस्ट्रेट, पुलिस अधिकारी एवं थानाध्यक्ष मौजूद थे।
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मतदान के दिन यह रहेगी व्यवस्था
- कोई भी व्यक्ति 100 मीटर की परिधि के अंदर कोई तरल पदार्थ अथवा मोबाइल सेट लेकर नहीं जा सकेगा। यदि ऐसा कोई पाया गया तो संबंधित पीठासीन अधिकारी मौके पर उपस्थित पुलिसबल को सूचित करते हुए कार्रवाई कराएंगे।
- मतदेय स्थल के 200 मीटर की परिधि में चूना डलवाया जाएगा ताकि यह सुनिश्चित रहे कि इसके आगे केवल वोटर ही जायेगा, कोई अन्य व्यक्ति नहीं।
- जिन मतदेय स्थलों पर 1000 से अधिक मतदाता हैं उन पर विशेष निगरानी रहेगी
- अपराह्न तीन बजे के बाद जिन मतदेय स्थलों पर भीड़ होगी उसकी जानकारी कर संबंधित मजिस्ट्रेट एवं पुलिस फोर्स लगातार रिव्यू करेंगे। वहां क्लस्टर मोबाइल टीम पहुंचकर मतदान कराएगी।
- मतदान में गड़बड़ी होने पर संबंधित थानाध्यक्ष सहित सीओ को जिम्मेदार माना जायेगा और उनके विरुद्ध कार्यवाही हेतु जांच बैठा दी जायेगी।