फिल्म ‘पीके’ से आपत्तिजनक दृश्यों को हटाने और उसका सार्वजनिक प्रदर्शन रोकने की मांग अनसुनी करने पर हिंदूवादी संगठन बृहस्पतिवार को फिर भड़क उठे। विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और गौरक्षा संगठन के पदाधिकारियों ने कलक्ट्रेट पर नारेबाजी करके फिल्म अभिनेता आमिर खान की नीयत पर कई सवाल उठाए। बाद में सिटी मजिस्ट्रेट को प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन देकर मांगें दोहराईं।
नववर्ष पर स्थानीय अवकाश घोषित होने से कलक्ट्रेट में बृहस्पतिवार सुबह से पसरा सन्नाटा प्रदर्शनकारियों के वहां पहुंचते ही टूट गया। नारेबाजी के दौरान बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज कुमार सिंह ने फिल्म के निर्माता निर्देशक और सरकार पर चुभते सवालों की झड़ी लगाई। साथ ही सेंसर बोर्ड अध्यक्ष को हटाने की मांग की। प्रदर्शन में विहिप के प्रांत गौरक्षा प्रमुख केके सक्सेना, सुचित सेठ, श्याम बाबू दीक्षित, राजेश अवस्थी, प्रियंक पांडेय, केपी सिंह चौहान आदि शामिल रहे।
जिले में अब भी ‘पीके’ पर वसूला जा रहा टैक्स
फिल्म ‘पीके’ को लेकर बृहस्पतिवार को शहर में नया बखेड़ा हो गया। सीएम द्वारा इस फिल्म को टैक्स फ्री की घोषणा के बाद भी टैक्स वसूले जाने से खफा दर्शकों ने अंबा सिनेप्लेक्स के बाहर जमकर शोर मचाया।
फिल्म टैक्स फ्री होने की जानकारी के बाद बृहस्पतिवार को दर्शक ज्यादा संख्या में अंबा सिनेप्लेक्स पहुंचे। नए साल के पहले दिन सार्वजनिक अवकाश का भी वे लुत्फ लेना चाहते थे। टिकट की धनराशि पूरी लिए जाने पर दर्शक आक्रोशित हो गए और फिल्म की टिकट टैक्स काटकर ही देने की मांग की। वहीं, सिनेप्लेक्स संचालकों ने ऐसा कोई आदेश न आने का हवाला देते हुए टैक्स सहित ही टिकटों की बिक्री की।
अंबा सिनेप्लेक्स के मैनेजर आरएन श्रीवास्तव ने कहा कि अभी तक मनोरंजन कर अधिकारी से टैक्स फ्री किए जाने के निर्देश प्राप्त नहीं हुए हैं। साथ ही बताया कि आदेश आने पर टिकट बिक्री पर लगने वाला 40 प्रतिशत टैक्स नहीं वसूला जाएगा। मनोरंजन कर अधिकारी दयाशंकर उपाध्याय ने बताया कि शासन से निर्देश प्राप्त होने पर करीब दो से तीन दिन का समय लगता है।