पृथ्वीपुर-ढाई ग्राम पंचायत के मजरा बख्तावरगंज (लुखड़पुरा) में दस दिन पूर्व हुए पिता-पुत्र के दोहरे हत्याकांड का मुख्य आरोपी हिस्ट्रीशीटर रामआसरे यादव को पुलिस ने बुधवार को हत्या में प्रयुक्त देशी बंदूक के साथ गिरफ्तार कर लिया है।
बता दें कि 26 सितंबर को दिन दहाड़े गांव बख्तावरगंज में अमर सिंह यादव के भाई बृजपाल के शकरकंद के खेत में पशु घुसा देने पर गांव के ही हिस्ट्रीशीटर रामआसरे यादव आदि ने अमर सिंह और उनके बेटे तेजराम की गोली मारकर हत्या कर दी थी, जबकि मृतक अमर सिंह के भतीजे भोला को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में अमर सिंह के बेटे केशराम ने रामाआसरे, उसके भाई फूल सिंह, बेटा रजनीश, घुम्मन उर्फ रामकिशोर, पत्नी नन्हीं देवी और गांव मोहकपुर निवासी बृजपाल यादव के खिलाफ हत्या और हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया था।
घटना के बाद से सभी नामजद आरोपी फरार थे। जिससे गांव में आरोपियों का भय व्याप्त था। एसपी ने गांव में सुरक्षा की दृष्टि से डेढ़ सेक्शन पीएसी के साथ ही थाने की पुलिस घटना वाले दिन से ही तैनात कर दी थी। पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लिए लगातार गैर जनपदों मे दबिशें दे रही थी, जबकि शातिर अपराधी रामआसरे गंगा की कटरी में ही रहकर झोलाझाप से अपना इलाज करवा रहा था। बताया जाता है कि मृतकों और आरोपियों की बीच चली गोली मे एक गोली रामआसरे के भी दाहिने पैर में लगी थी। जिससे उसेे चलने फिरनेे मेें तकलीफ हो रही थी।
पुलिस नेे बताया कि सूचना मिली कि पिता-पुत्र की हत्या का मुख्य आरोपी रामआसरे ढाईगांव में नदी पार एक झोलाछाप से अपने जख्म की पट्टी करवा रहा है। पुलिस जब तक उसकेयहां पहुंची तब तक रामआसरे जा चुका था। पुलिस ने बख्तावरगंज और मोहकमपुर गांव के बीच घेराबंदी कर रामआसरे को मय हत्या में प्रयुक्त देशी बंदूक व दो कारतूूस समेत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस रामआसरे की निशानदेही पर अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास में है। सीओ आदेश कुमार त्यागी ने हिस्ट्रीशीटर रामआसरे यादव से देर तक पूछताछ की। उन्होंने शातिर अपराधी की गिरफ्तारी पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि जल्द अन्य नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
23 वर्षों में पहली बार चढ़ा पुलिस के हाथ
थानाध्यक्ष प्रभुकांत ने हिस्ट्रीशीटर रामआसरे को गिरफ्तारी कर जो कर दिखाया वह थाने की पुलिस पिछले 23 वर्षों में नहीं कर पाई थी। पुुलिस रिकार्ड मेें हिस्ट्रीशीटर रामआसरे के खिलाफ 1992 सेे अब तक हत्या, हत्या केे प्रयास, लूट, अपहरण आदि के करीब डेेढ़ दर्जन सेे अधिक मुकदमेे दर्ज हुए हैं, लेकिन पुलिस किसी भी मामलेे में रामआसरे को गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। उसनेे पुलिस से बचकर हमेशा न्यायालय में आत्मसमर्पण ही किया।