घर के बाहर से अपहृत युवक नवजोत सिंह का पांच दिन बाद भी पता नहीं चलने से गुस्साए परिवार के लोग गांव गंगसरा में घर के सामने ही बेमियादी धरने पर बैठ गए हैं। घरवालों के साथ दो सौ से अधिक लोग धरने पर बैठे हैं। लोग पुलिस की कार्यशैली को लेकर खासे आक्रोशित हैं। मालूम हो कि 19 अगस्त की रात साढ़े आठ बजे गांव गंगसरा निवासी उपजीत सिंह का 20 वर्षीय बेटा नवजोत घर के बाहर से लापता हो गया था। पुलिस ने इस मामले में 20 अगस्त को अपहरण की रिपोर्ट दर्ज की थी। 21 अगस्त को लोगों ने जब घटना को लेकर हंगामा किया तब पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेकर जांच शुरू की थी। पुलिस की कार्यशैली से नाराज लोगों ने 22 अगस्त को गंगसरा में दो घंटे तक चक्का जाम किया था। एसपी केबी सिंह ने मौके पर पहुंचकर 24 घंटे में नवजोत का पता लगाने का आश्वासन दिया था, इसके बाद जाम खोल दिया गया था, लेकिन नवजोत का कोई पता नहीं चल सका। शुक्रवार दोपहर नवजोत के पिता उपजीत सिंह, मां बलविंदर कौर, बहन रविंदर कौर, भाजपा नेता राजवीर सिंह, स्वर्ण सिंह नामधारी समेत दो सौ से अधिक लोग घर के बाहर बैनर लगाकर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। धरना स्थल पर मौजूद लोगों में पुलिस के प्रति गहरा रोष है। परिवार के लोगों का कहना है कि एसपी ने खुद समय सीमा तय की थी, लेकिन इसके बाद भी पुलिस अभी तक खाली हाथ है। जब तक नवजोत का पता नहीं लग जाता धरना जारी रहेगा।