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दक्ष वर्मा के गायब होने के पीछे गहरा राज

Sat, 03 Sep 2016 11:32 PM IST
ब्यूरो /शाहजहांपुर
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 दो साल के दक्ष वर्मा का नगर के मोहल्ला मुस्तफाबाद से सरेशाम अचानक गायब हो जाना फिर रात लगभग 11 बजे कांट थाना अंतर्गत गांव डींगरपुर में खेतों में मिलना पुलिस और नगर वासियों के लिए एक पहेली बन गया है। 
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नगर के मोहल्ला मुस्तफाबाद निवासी बबलू वर्मा का दो वर्षीय बेटा दक्ष शुक्रवार की शाम लगभग पांच बजे अपने घर के बाहर खेल रहा था। बकौल मां रेखा जब वह घर से बाहर आई तो बेटे को वहां न देखकर हड़बड़ा गई। परिजनों को बच्चे के गायब होने की बात पता लगते ही परिजन व मोहल्ले वाले बच्चे की खोजबीन में लग गए। पुलिस को सूचना दी। पहले तो पुलिस ने इसे हल्के में लिया बाद में अपहरण की आशंका जताने पर हाथ पांव मारने शुरू कर दिए। रात लगभग साढ़े दस बजे सूचना मिली कि एक बच्चा कंाट थाने के डींगरपुर गांव में मिला है। पुलिस ने परिजनों के साथ जाकर रात लगभग 11 बजे बच्चे को गांव के राजवीर के झाले से शिनाख्त के बाद सकुशल लाकर परिजनों को सौंप दिया।
पिता के मोबाइल पर आई थी गायब होने के बाद कॉल
बबलू वर्मा का कहना है कि बच्चे के गायब होने के बाद उसके निजी नंबर पर कॉल आई थी। नाम पूछने के बाद कॉल डिस्कनेक्ट कर दी। उसके बाद कई बार मिलाने पर भी स्विच आफ  मिला।
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 तिलहर से कांट के खेतों में कैसे पहुंच गया बच्चा
दो साल का दक्ष जो नाली भी पार नहीं कर पाता, 16 किमी दूर डींगरपुर के खेतों में आखिर कैसे जा पहुंचा? यह प्रश्न पुलिस को परेशान कर रहा है। परिजनों द्वारा किसी से दुश्मनी होने की बात पूरी तरह नकारने से पुलिस की परेशानी और बढ़ गई है। उधर, रेलवे स्टेशन पर इसी सप्ताह एक महिला द्वारा बच्चा चोरी के मामले में जीआरपी द्वारा रंगेहाथों पकड़े जाने के बाद बच्चा चोर गिरोह के भी उक्त प्रकरण में शामिल होने की संभावना व्यक्त की जा रही है। कुछ लोग इसे पारिवारिक विवाद या फिरौती के लिए किया गया अपहरण मान रहे हैं। सच्चाई जो कुछ भी हो कुल मिलाकर बच्चेे के मिलने से बबलू वर्मा के घर में खुशी का माहौल है। साथ ही बच्चे के नाटकीय ढंग से बरामद होने के बाद परिजनों ने दहशत भी व्याप्त है। कहीं, फिर से मेरा बेटा नजरों से दूर न हो जाए यह सोच मां रेखा दक्ष को सीने से लगाए बैठी है। उधर    नगर में सरेशाम अबोध बच्चे के गायब होने से महिलाओं में दहशत का माहौल है। 
- बबलू को सकुशल सुरक्षित बच्चा मिल गया। इससे ज्यादा उसके लिए खुशी की कोई बात नहीं हो सकती। बच्चा डींगरपुर कैसे पहुंचा यह जांच का विषय है। जांचोपरांत इस संबंध में कुछ कहना उचित होगा।
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डीसी शर्मा, कोतवाल-तिलहर।
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