गुलड़िया गांव और उसके आसपास के गांवों से लेकर पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के कस्बे स्थित घर तक प्रशासन, पुलिस और हिंदू संगठनों की सक्रियता के चलते हर रविवार को आयोजित होने वाली चंगाई सभा इस बार नहीं हो सकी। सख्ती का असर बझेड़ा और ठिंगरी गांवों में भी दिखा, वहां भी प्रार्थना सभा से लेकर अन्य गतिविधियाें पर पूरी तरह अंकुश रहा।
21 दिसंबर के अंक में अमर उजाला ने 24 दिसंबर को गांव गुलड़िया के चार परिवारों द्वारा ईसाई धर्म अपनाने की चर्चाओं की खबर प्रकाशित की थी। इस पर 22 दिसंबर को एसडीएम और सीओ ने गांव पहुंचकर पड़ताल की। जांच में धर्म परिवर्तन से इंकार करते हुए प्रशासन ने पूर्व प्रधान के कस्बे के बारह पत्थर स्थित घर में चंगाई सभा होने की बात स्वीकार की थी।
मामले में सक्रिय हुए हिंदू संगठनों ने चंगाई सभा को रोकने की मांग की थी। एडीएम प्रशासन ने भी चंगाई सभा को रोकने के लिए निर्देश दिए थे। इसके चलते रविवार सुबह एसडीएम और कोतवाल गुलड़िया पहुंच गए। उधर, हिंदू संगठन से जुड़े पदाधिकारियों ने भी उस गांव में डेरा जमा दिया था। इसके अलावा एक दरोगा तथा कई सिपाही पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा के कस्बा स्थित आवास पर डटे रहे। हिंदू संगठनों के पदाधिकारी गुलड़िया के अलावा बझेड़ा और ठिंगरी में भी होने वाली सभाओं को लेकर सक्रिय रहे।
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धर्मांतरण नहीं होगा बर्दाश्त
शाहजहांपुर। हिंदू शक्ति दल के पदाधिकारियों की एक बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मनोज अग्निहोत्री ने कहा कि हिंदू शक्ति दल हिंदू परिवारों का धर्मांतरण बर्दाश्त नहीं करेगा। इस मौके पर पुनीत त्रिवेदी, नीरज सक्सेना, अभिषेक द्विवेदी, आशीष मिश्रा, राजीव, विजय सक्सेना आदि मौजूद रहे।