पौत्री ने लगाया मारपीट के कारण मौत का आरोप
शनिवार को एक वृद्धा की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। पौत्री ने परिवार के ही लोगों पर मारपीट करने और इस कारण मौत होने का आरोप लगाते हुए पांच लोगों के खिलाफ नामजद तहरीर दी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा है।
गांव गेहुंआ निवासी 85 वर्षीय रामसागर का पांच एकड़ जमीन को लेकर अपने पुत्र देवेश मिश्रा और भोलानाथ से विवाद चल रहा है। रामसागर अपने तीसरे पुत्र सर्वेश मिश्रा के साथ रहते थे। 19 जनवरी को रामसागर की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। सर्वेश के पुत्र अरविंद कुमार ने ताऊ देवेश, भोलानाथ, देवेश के पुत्र हरीप्रकाश, रवि प्रकाश, भोलानाथ के पुत्र श्रीप्रकाश, जयप्रकाश सहित आठ लोगों के खिलाफ बाबा की हत्या कर देने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 11 मार्च को रामसागर की बहन 80 वर्षीय रामवती की संदिग्ध हालात में मौत हो गई। रामवती पुवायां के गांव फत्तेपुर में ब्याही थीं, लेकिन काफी समय से मायके में भतीजे देवेश की पुत्री सुनीता के यहां खुटार में रह रही थीं। सुनीता ने शनिवार को पुलिस को बताया कि बाबा रामसागर की हत्या पर दादी रामवती गांव गई थीं तो विपक्ष के पांच लोगों ने उनके साथ कई बार मारपीट की थी। रामवती उनके घर खुटार आ गईं। पिटाई के कारण उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, जिस कारण उनकी मौत हो गई। सुनीता ने सर्वेश और उनके चार पुत्रों के खिलाफ तहरीर देकर गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराए जाने की मांग की है।
उधर, सर्वेश और उनके पुत्रों ने आरोप को निराधार बताते हुए कहा कि उनकी ओर से दर्ज हत्या की रिपोर्ट में दबाव बनाने के लिए झूठा आरोप लगाया जा रहा है। एसओ इफ्तेखार अहमद ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद मौत का सही कारण पता लग सकेगा। इसी आधार पर कार्रवाई की जाएगी।