बच्चे को दो साल से बंधक बनाकर उसे प्रताड़ित करने की खबर प्रकाशित होने के बाद सोमवार सुबह कटरी क्षेत्र के गांव रैपुरा पहुंची पुलिस बच्चे विशाल को बरामद कर आरोपी समेत उसे खंडहर चौकी ले आई, जहां कुछ देर पूछताछ की खानापूरी कर आरोपी को छोड़ दिया गया। गौरतलब है कि उक्त विशाल को उसके माता-पिता तक पहुंचाने की जगह पुलिस उसे सूचना देने वाले के सुपुर्द करने के प्रयास में जुटी हुई है।
यह बच्चा किस तरह पहले गांव पेहना तथा उसके बाद रैपुरा पहुंचा? इसकी जांच पड़ताल करके बच्चे को उसके घर पहुंचाने के बजाय बच्चे को सुपुर्दगी में देकर पल्ला झाड़ने की कवायद से गांव मगटोरा का वह बबलू भी परेशान है, जिसकी सूचना पर पुलिस ने उक्त बच्चे को बरामद किया। इस संबंध में पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने बताया है कि उक्त विशाल कुछ माह पहले भटकता हुआ उसे मिला था और तभी से वह उसके पास है, जबकि विशाल के अनुसार दो साल पहले उसे फर्रुखाबाद से दीपावली के दिन जबरदस्ती बाइक पर बैठाकर इस क्षेत्र के गांव पेहना में लाया गया था। उसके बाद वह रैपुरा गांव पहुंचा। यदि इस बात को मान लिया जाए कि विशाल रैपुरा गांव में भटकता हुआ चला गया, लेकिन उसे फर्रुखाबाद से पेहना तक जबरिया लाने वाले कौन लोग थे? ग्रामीणों का कहना है कि बच्चे को किसी की सुपुर्दगी में देने के बजाय जरूरत इस बात की है कि उसे उसके मां-बाप के पास पहुंचाने के प्रयास किए जाएं तथा बच्चे द्वारा उसे जबरिया इस क्षेत्र में लाए जाने की बताई जा रही बात यदि सही है तोे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई हो।