नेशनल हाईवे स्थित जमुका रिलायंस पॉवर ग्रिड के पास शाम करीब साढ़े चार बजे हुए हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को पिकअप वाहन से निकालकर जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मृतकों की शिनाख्त करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। घटना के बाद जिला अस्पताल में पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों का जमाबड़ा लग गया। हर कोई मृतकों और घायलों के बारे में पूछता नजर आया।
थाना रोजा इंस्पेक्टर रामनरेश चौधरी घटना के समय कुछ दूर पुलिस टीम के साथ मौजूद थे। खबर लगते ही वह एसआई ओमप्रकाश और पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। हादसे के शिकार हुए सभी लोगों को वाहनों से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर एसपी सिटी राजेश कुमार, सीओ सदर अनुराग दर्शन, टीएसआई मोहम्मद इश्तियाक पहुंच गए। पुलिस ने घायलों को भेजने के बाद तुरंत हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को हटाया। घटना की खबर सुनकर डीएम शुभ्रा सक्सेना और एसपी बबलू कुमार जिला अस्पताल पहुंच गए। डीएम ने घायलों के बारे में डॉक्टरों से जानकारी ली। हालत नाजुक होने पर उन्होंने घायलों को तुरंत बरेली रेफर करने के निर्देश दिए।
डीएम के निर्देश पर तुरंत हुई एंबुलेंस की व्यवस्था
डीएम शुभ्रा सक्सेना ने अस्पताल पहुंचने के बाद घायलों को मारुति वैन एंबुलेंस में लादते हुए देखा तो तुरंत सीएमएस सुधीर गर्ग को 108 एंबुलेंस की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। इस पर सीएमएस ने कहा कि वह काफी देर से फोन कर रहे हैं, लेकिन एंबुलेंस वालों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। डीएम ने तुरंत एंबुलेंस टेकर को अस्पताल में बुलाने के निर्देश दिए। इससे पहले ही एंबुलेंस आ गई और घायलों को भेज दिया गया।
भांजी के अंतिम संस्कार से लौट रहे थे रामभरोसे
शाहजहांपुर। थाना रोजा क्षेत्र की मठिया कॉलोनी में रहने वाले रामभरोसे और उनके भाई राजाराम सीतापुर के मिश्रिख में अपनी भांजी के अंतिम संस्कार में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय हादसे में रामभरोसे की मौत हो गई, जबकि राजाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की खबर सुनकर मृतक के घर में कोहराम मच गया और चीखते-चिल्लाते जिला अस्पताल पहुंच गए।
रामभरोसे की सीतापुर में रहने वाली बहन की बेटी की बुधवार को मौत हो गई। जिसके अंतिम संस्कार में शामिल होने दोनों भाई गए थे। यहां से वापस लौटते समय हुए हादसे में रामभरोसे की मौके पर मौत हो गई, जबकि राजाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की खबर सुरकर उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक के बेटे प्रेमशंकर, रविशंकर, शिवशंकर, कन्हई अपनी मां कामनी देवी के साथ जिला अस्पताल पहुंच गए। पति का शव देखकर कामनी बिलख-बिलख कर रोने लगी। रामभरोसे परिवार के गुजारा मजदूरी करके करते थे। उनके रश्मिी, लक्ष्मी, साधना और अराधना नाम की चार बेटियां हैं। पिता की मौत से चार बेटियां बदहवास हो गईं हैं।
घर में माता की पूजा और हवन में शामिल होने जा रहे थे नरेश
शाहजहांपुर। फरीदपुर (बरेली) क्षेत्र के खल्लापुर रोड लाइन पार निवासी नरेश गुप्ता सीतापुर के महौली में प्याज और लहसुन की फेरी लगाते थे। उनकी पत्नी राममोहनी ने नवरात्र के व्रत रखे थे। उसमें शामिल होने के लिए नरेश अपने घर जा रहे थे, तभी वह हादसे में मौत का शिकार हो गए।
मृतक के भाई दुर्वेश ने बताया कि नरेश महौली में रहकर ही फेरी लगाते थे। सप्ताह में एक बार वह घर का चक्कर लगा लेते थे। पांच दिन पहले नरेश घर आए थे। उनकी पत्नी राममोहनी ने नवरात्र के पूरे व्रत रखे थे। बृहस्पतिवार की सुबह हवन और कन्याभोज होना था। जिसमें शामिल होने के लिए वह अपने घर आ रहे थे। पत्नी राममोहनी दोपहर से ही उनका इंतजार करने लगी थी। शाम पांच बचे दुर्वेश के मोबाइल पर किसी पुलिस कर्मी ने फोन करके बताया कि उनके भाई हादसे में घायल हो गए और तुरंत जिला अस्पताल पहुंच जाओ। खबर सुनकर दुर्वेश चाचा रामभजन के साथ अस्पताल पहुंचे। यहां भाई का शव देखकर वह बिलख-बिलख कर रोने लगे। नरेश की मौत की सूचना से उनके घर में कोहराम मच गया। मृतक के तीन बेटियां खुशबू, काजल, शिल्पी और बेटा सन्नी है।
अस्पताल स्टाफ की तत्परता से बची घायलों की जान
घटना की खबर लगते ही जिला अस्पताल स्टाफ को सर्तक कर दिया। घालयों के पहुंचने से पहले ही अस्पताल के डॉक्टरों और फार्मेसिस्टों ने पूरी व्यवस्था कर रखी थी। घायलों के पहुंचते ही तुरंत उनका उपचार शुरू हो गया। जिससे घायलों की जान बच सकी।
प्राइवेट एंबुलेंस चालकों ने की स्टाफ की मदद
घटना के बाद अस्पताल पहुंचे मृतकों और घायलों की मदद से लिए ट्रामा सेंटर में प्राइवेट एंबुलेंस चालक पहुंच गए। उनकी मदद से मृतकों के शव को अस्पताल की मोरचरी में रखवाया गया और घायलों को इमरजेंसी वार्ड में शिफ्ट किया गया।