अफसरों की तमाम कोशिशों के बावजूद तहसील दिवस केआयोजन लोगों की दिक्कतों का समाधान करने के बजाय सिर्फ रस्म अदायगी साबित हो रहे हैं। मंगलवार को आयोजित तहसील दिवस के दौरान चारों तहसीलों में 278 फरियादी अपनी दिक्कतें लेकर अफसरों के सामने पेश हुए, लेकिन त्वरित निस्तारण का लाभ सिर्फ 15 फरियादियों को मिल पाया।
इस मौके पर शिकायतों का निस्तारण कराने में सबसे आगे रहे सीडीओ महेंद्र बहादुर सिंह। पुवायां में उनकेसमक्ष विभिन्न विभागों के 76 प्रकरण आए जिनमें से सात का तुरंत निस्तारण कराया। साथ ही शेष मामलों का गुणवत्तापूर्व तरीके से जल्द निपटान कराने के अधिकारियों को निर्देश दिए। निस्तारण की कसौटी पर दूसरे स्थान पर रहे एसडीएम जयनाथ यादव ने सदर तहसील में छह प्रकरण हल कराए और शेष 89 मामले संबंधित अधिकारियों को संदर्भित कर उन्हें एक सप्ताह में निस्तारित करने के निर्देश दिए। जलालाबाद में सिर्फ दो मामले निस्तारित हुए, जबकि तिलहर तहसील में एक भी प्रकरण हल नहीं हो सका।
शिक्षिका के उत्पीड़न की जांच के निर्देश
पुवायां। तहसील दिवस में सिंधौली के गांव भंडेरी के पूर्व माध्यमिक स्कूल में तैनात शिक्षिका विमला देवी ने सीडीओ को बताया कि विभागीय अधिकारी उन्हें चाइल्ड केयर लीव नहीं दे रहे हैं। बीएसए से शिकायत करने पर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है और बीईओ के साथ ही एक शिक्षक उन पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। शिक्षिका अपने प्रार्थनापत्र पर छुट्टी का आदेश लिखवाना चाहती थी, लेकिन सीडीओ ने बीएसए को मामले की जांच कर कार्रवाई को लिख दिया। उधर, बीईओ सुशील कुमार ने शिक्षिका के आरोप गलत बताए हैं।
एसडीएम जंगबहादुर ने निपटाए दो मामले
जलालाबाद। एसडीएम जंगबहादुर यादव ने तहसील दिवस में प्राप्त 62 शिकायतों में दो का मौके पर निस्तारण कराया। इस मौके पर तहसीलदार ओमकार नाथ वर्मा, सीओ अशोक सिंह, बीडीओ मुनीम लाल समेत कई विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
तिलहर में निराश होकर लौटे 49 फरियादी
तिलहर। तहसील दिवस में 49 फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिनमें से किसी भी शिकायत का निस्तारण मौके पर नहीं हो सका। एसडीएम पदम सिंह ने अधीनस्थों को छोटी से छोटी शिकायत को भी गंभीरता से लेकर सही तरीके से निस्तारण करने के निर्देश दिये। इस दौरान सीओ संजय कुमार, तहसीलदार लालता प्रसाद तिवारी, बीडीओ बाबूराम वर्मा, सहित अनेक तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।