कोतवाली में तैनात कांस्टेबिल (चालक) 48 वर्षीय रामभवन प्रजापति की ड्यूटी के दौरान रविवार को हार्टअटैक से मौत हो गई। शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पार्थिव शरीर पुलिस लाइल लाया गया। वहां सलामी दी गई। इसके बाद परिवार वाले शव को पैतृक गांव ले गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में उनकी मौत हार्टअटैक से होना बताई गई है।
सुबह करीब सवा दस बजे कोतवाली में रामभवन अपना काम निपटा रहे थे, तभी तबीयत खराब होने पर अचानक बेहोश होकर गिर पड़े। आननफानन में स्टाफ कर्मी उन्हें सरकारी जीप से सीएचसी ले गए, जहां डॉक्टर ने चेकअप के बाद रामभवन को मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सीओ अशोक सिंह और कोतवाल शक्ति सिंह तोमर तमाम पुलिस कर्मियों के साथ सीएचसी पहुंच गए। मूल रूप से जनपद गाजीपुर के थाना बसेसर क्षेत्र के गांव मनोरथपुर निवासी रामभवन प्रजापति रायबरेली से ट्रांसफर होकर आए थे। उन्होंने सात जुलाई 2013 को कोतवाली में ज्वाइनिंग ली थी। रामभवन, पत्नी ज्ञानवती और बेटे अनुज और अंशु के साथ कस्बे के मोहल्ला आजाद नगर में किराए के मकान में रह रहे थे। रामभवन अपनी बड़ी बेटी नेहा की शादी पहले की कर चुके थे। रविवार की सुबह रोजाना की तरह डेली डायरी मेंटेन करते समय रामभवन को कोतवाली में अटैक पड़ गया। खबर के मिलते ही उनकी पत्नी तथा दोनों बेटे बदहवास हालत में अस्पताल पहुंचे। पोस्टमार्टम के बाद पुलिस लाइंस में एसपी आरपीएस यादव ने रामभवन के पार्थिव शरीर पुष्प अर्पित करते हुए सलामी दी। इसके बाद सरकार वाहन से रामभवन के शव को परिवार वालों के साथ पैतृक गांव भेजा गया।