निगोही थाना क्षेत्र में निगोही - शाहजहांपुर रोड के पास स्थित गांव मधवामई में रविवार दोपहर दीपावली पर कच्चे घर की लिपाई - पुताई करने के लिए जमीन के नीचे भीतर ही भीतर जाकर मिट्टी निकालने के लिए भरभराकर ढहे ढांग के मलवे में चार बच्चे दब गए। साथी बच्चों द्वारा शोर मचाए जाने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और काफी प्रयास के बाद मलवे को हटाकर चारों बच्चों को गंभीर रूप से अचेत हाल में निकटवर्ती निजी अस्पताल पहुंचाया जहां डाक्टरों ने तीन को मृत घोषित कर दिया। मृतकों में आशाराम की नौ वर्षीय बेटी शुचि, ओमप्रकाश का सात वर्षीय बेटा विपिन और अरविंद कुमार कुमार का आठ वर्षीय बेटा प्रवीन उर्फ आदर्श शामिल हैं। मृत शुचि के भाई कौशल जीवित बच गया है। तीसरे पहर तीनों बच्चों के शव गांव वापस ले जाया गया तो पूरा गांव मातम में डूब गया। संबंधित परिवारों में कोहराम मच गया। सूचना पाकर अपने मतदाता पुनरीक्षण वाले निरीक्षण का कार्यक्रम स्थगित कर डीएम राम गणेश और एसपी डॉ. मनोज कुमार तीसरे पहर शाम को मौके पर पहुंचे। डीएम ने अपने स्तर पर तात्कालिक तौर पर तीनों ही परिवारों को 11- 11 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की। साथ ही इन परिवारों को कृषि भूमि पट्टे पर आवंटित कराने एवं सरकारी योजना के तहत आवास मुहैया कराने के साथ ही मुख्यमंत्री के विवेकाधीन कोष से भी आर्थिक मदद कराने का भरोसा दिया। इस बीच भाजपा विधानमंडल दल नेता सुरेश कुमार खन्ना और शाहजहांपुर नगरपालिका परिषद चेयरमैन तनवीर खां भी गांव पहुंचे एवं शोकाकुल परिवारों को ढांढ़स बंधाया। गांव मधवामई में जिस जगह पर यह हादसा हुआ, वहां गांव के ही युवक मंगल दल के रकबे में बने गड्ढे में लोगों ने मिट्टी निकालने के लिए जमीन के नीचे के ढांग बना रखा था। रविवार दोपहर गांव के आर्थिक तौर पर काफी पिछड़े परिवारों के बच्चे वहां अपने - अपने घरों में लिपाई - पुताई के लिए बड़े उत्साह से अंदर - अंदर कोल करके मिट्टी निकाल रहे थे। प्रेमपाल की पुत्री स्वाति इन बच्चों से जरा हटकर ढांग के किनारे खड़ी थी। अचानक मिट्टी खोद रहे बच्चों के ऊपर खोखला हो चुका ढांग भरभराकर गिरा। चारों बच्चे मिट्टी में दब गये तो स्वाति ने शोर मचाया। शोर सुनकर तमाम ग्रामीण मौके पर जुटे और जैसे - तैसे मलवे को हटाया। फिर चारो बच्चों को बाहर निकाला और अचेत हाल में चारों को तुरंत उपचार के लिए नवज्योति हास्पीटल ले गए जहां सिर्फ एक के जीवित बचे होने की पुष्टि चिकित्सकों ने की। उसके बाद तो ग्रामीणों में हाहाकर मच गया।
गांव मधवामई में ढांग ढहने और तीन बच्चों की मौत काफी दु:खद है। सूचना मिलते ही एसपी के संग मौके पर पहुंचा और उन परिवारों से मिलकर हरसंभव मदद का ढांढ़स बंधाया। पीड़ित सभी परिवार आर्थिक तौर पर विपन्न हैं। उन्हें 13 अक्तूबर को कलेक्ट्रेट बुलाया है और वहीं तीनों परिवारों को अपने स्तर पर 11 - 11 हजार रुपये की मदद राशि दी जाएगी। साथ ही इस शोक से उबरने के क्रम में उन्हें प्रशासन की ओर से गांव में पट्टे पर खेती योग्य भूमि भी मुहैया कराएंगे। आवास मुहैया कराने का भरोसा दिया है। परिवारवालों की मनोदशा अभी सही नहीं है। कुछ समय बाद अगर वे चाहेंगे तो उन्हें पुवायां में बन कर तैयार 500 से अधिक कांशीराम आवास में आवासीय सुविधा आवंटित करा देंगे। -- राम गणेश, डीएम शाहजहांपुर।