नाबालिग किशोरी का दुराचार की नियत से अपहरण किए जाने के मामले को खुटार पुलिस पूरी तरह से पचाने में लगी हुई है। पीड़िता के परिवार के लोग बेहद सहमे हुए हैं और कोई भी बात करने को तैयार नहीं हैं।
गौरतलब है कि नगर से सटे एक गांव की नाबालिग किशोरी अपनी छोटी बहन के साथ सोमवार को शौच के लिए खेत पर गई थी। खेत में दो युवकों ने लड़की को दुराचार की नियत से पकड़ लिया और मुंह में कपड़ा ठूंसकर गन्ने के खेत में खींचने लगे। लड़की की छोटी बहन यह देखकर मौके से भाग निकली और घर जाकर मामले की जानकारी दी। गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और लड़की की तलाश की। काफी देर बाद लड़की बंधी हालत में खेत में पड़ी मिली। परिवार के लोगों ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
सोमवार शाम पुलिस ने दूसरे समुदाय के एक लड़के को शक के आधार पर पकड़ा था, लेकिन बाद में छोड़ दिया। एसओ राजेश सिंह का कहना है कि लड़की का दुराचार की नियत से अपहरण किए जाने और उसके बंधे पड़े मिलने के बारे में उन्हें जानकारी नहीं है। छेड़छाड़ की घटना हुई थी। शक के आधार पर जिस युवक को लाया गया था वह निर्दोश है। लड़की के परिवार के लोग कोई जानकारी नहीं दे रहे हैं और कार्रवाई भी नहीं चाहते हैं। बड़ा सवाल है कि जब पुलिस छेड़छाड़ का मामला मान रही है तो रिपोर्ट क्यों नहीं लिखी जा रही है? उधर मंगलवार को हिंदू संगठनों से जुडे़ लोग गांव पहुंचे और पीड़िता के परिवार से बात की, लेकिन उन लोगों ने बात करने से मना कर दिया।