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हत्यारोपी दो सगे भाइयों समेत तीन को उम्र कैद

Thu, 22 Dec 2016 12:09 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला शाहजहांपुर
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वर्ष 2013 के जून माह में कलान इलाके में कुत्ते को डंडा मारने के विवाद में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर पड़ोसी की हत्या करने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश पंचम एहसानुल्लाह खान ने बुधवार को एक ही परिवार के तीन सदस्यों को आईपीसी की धारा 302 और 336 में दोषी सिद्ध अभियुक्त करार दिया। इनमें हरि सिंह यादव और विश्राम सिंह यादव सगे भाई हैं जबकि सुनील उर्फ गुड्डू यादव विश्राम का बेटा है। तीनों में प्रत्येक पर 20 हजार 200 रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। इनमें से हरि सिंह धारा 25 आयुध अधिनियम के तहत पांच हजार रुपये जुर्माना मुकर्रर किया गया है। न्यायाधीश ने वसूली जाने वाली जुर्माना राशि में से घटना में निहत की पत्नी को 50 हजार रुपये बतौर प्रतिकर भुगतान करने का आदेश दिया। वाकया 13 जून 2013 की सायं चार बजे का है। कलान थाना क्षेत्र के गांव नगला हुकमी में लाल सिंह के बेटे फूल सिंह ने पड़ोसी हरि सिंह के कुत्ते को डंडा मार दिया। उस पर हरि सिंह और उसके परिवार के विश्राम यादव, सुनील आदि ने गाली गलौज शुरू कर दी। लाल सिंह के भाई दयाराम ने सिंह उसका विरोध किया तो नाराज पड़ोसियों ने ईंटें-पत्थर के टुकड़े फेकने शुरू कर दिए और सामने वाले को जान से मार डालने के लिए ललकारते हुए तमंचे लेकर दौड़े। दयाराम को लक्ष्य कर ताबड़तोड़ फायर झोंके जिससे एक गोली सीने और दूसरी हाथ में लगते ही दयाराम जमीन पर लुढ़क गए। मौके पर ही उनकी मौत हो गई। उनके परिवारवाले जब घटनास्थल की ओर शोर मचाते हुए दौड़े तो हमलवार बाकियों को भी देख लेने की धमकी देते हुए मौके से भाग निकले। रात को लाल सिंह थाने पहुंचे और पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस मौका मुआयना किया और शव का पोस्टमार्टम कराते हुए आरोपियों के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया। फिर 15 जून 2013 को एक आरोपी हरि सिंह को मय आलाकत्ल गिरफ्तार कर लिया। बाद में अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। मामले की विवेचना पूरी कर पुलिस ने अपनी चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। अभियोजन अधिकारी खतीब अहमद ने मामले में सात गवाहों को कोर्ट में प्रस्तुत किया। दोनों पक्षों के बयान, पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, मेडिकल रिपोर्ट, विधि विज्ञान प्रयोगशाला की रिपोर्ट तथा अन्य तथ्यों  का परीक्षण करने के बाद न्यायाधीश ने उक्त तीन आरोपियों को सजा सुनाई।
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