रोटी गोदाम स्कूल के आवासीय एक्सीलेंट लर्निंग कैंप से लापता हुआ बच्चा बुधवार को रोजा क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में मिल गया। बच्चे के मिलने से विभागीय लोगों ने राहत की सांस ली है।
निगोही क्षेत्र के गांव दयुरिया निवासी पातीराम का नौ वर्षीय बेटा रवि रोटी गोदाम मूक बधिर स्कूल में रह रहा है। सोमवार की रात वह स्कूल से लापता हो गया था। मंगलवार की सुबह बच्चों की गिनती होने पर उसके लापता होने का पता चला।
बीएसए राकेश कुमार ने थाना सदर बाजार में बच्चे की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। बच्चे की तलाश में शहर में पोस्टर चिपकाए गए और एनाउंसमेंट भी कराया गया था। बुधवार की सुबह फिर से शिक्षकों की टीम बच्चे की तलाश में जुट गई। बरेली मोड़ पर एक समोसे वाले से जानकारी हुई कि शाम करीब छह बजे एक मूक बधिर बच्चे ने उसकी दुकान पर समोसा खाया था, पैसे मांगने पर वह कुछ बोल नहीं पाया था। समोसा खाने के बाद वह कहीं निकल गया। इसके बाद गांव मौजमपुर के एक ग्रामीण से पता चला कि रोजा क्षेत्र के गांव बहादुरपुर में उसके रिश्तेदार सुखलाल को एक बच्चा मिला है। तुरंत ही शिक्षकों की टीम गांव बहादुरपुर पहुंच गई। टीम ने रवि को देखकर राहत की सांस ली। रवि को उसके पिता पातीराम के साथ रोटी गोदाम स्कूल लाया गया। रवि काफी घबराया हुआ लग रहा था। बीएसए राकेश कुमार ने बताया कि उनके साथ करीब 40 शिक्षकों की टीम बच्चे की तलाश में जुटी हुई थी। सभी ने शहर से लेकर कांट तक और बंथरा गुरुद्वारा तक बच्चे को तलाश किया था। इसी दौरान मौजमपुर गांव से बच्चे के बारे में जानकारी हुई। बच्चे को उसके पिता के साथ गांव भेज दिया गया है।
पुलिस का रवैया नहीं रहा ठीक
डीसी समेकित शिक्षा सोहन शुक्ला ने बताया कि बच्चे के लापता होने के बाद पुलिस ने जनपद में वायरलेस से अलर्ट जारी कर दिया था। शाम को जब बरेली मोड़ पर बच्चे ने एक दुकान पर समोसा खाया था, तब वहां तीन पुलिस कर्मी ड्यूटी पर तैनात थे, लेकिन पुलिस कर्मी ने बच्चे की तरफ ध्यान नहीं दिया। रात में बहादुरपुर गांव के सुखलाल को खेत के पास बच्चा घूमता हुआ मिला। सुखपाल बच्चे को लेकर ग्राम प्रधान के पास आए। ग्राम प्रधान सुखलाल और कुछ ग्रामीणों के साथ रात में ही बच्चे को लेकर रोजा थाने गए, लेकिन पुलिस ने उनकी ओर कुछ ध्यान नहीं दिया। यह कहकर टरका दिया कि बच्चा अपने पास रखो, अगर कोई लेने आएगा तो बुला लेंगे। इसके बाद वह लोग बच्चे को लेकर गांव लौट गए।
टीम वर्क से मिला बच्चा
बच्चे के लापता होने के बाद बीएसएस राकेश कुमार करीब 40 शिक्षकों की टीम के साथ बच्चे की तलाश में जुट गए थे। बच्चे को रोडवेज, रेलवे स्टेशन आदि स्थानों पर तलाश किया गया। शहर में पोस्टर चिपकाए गए और एनाउंसमेंट भी कराया गया। रात करीब दो बजे तक बच्चे को तलाश किया गया। इसके बाद सुबह पांच बजे से ही बच्चे की पुन: तलाश शुरू की गई। हाईवे पर बच्चे की तलाश करते समय गांव मौजमपुर से उसका सुराग मिल गया। हैरत की बात तो यह है कि शहर से करीब 12 किलोमीटर दूर बच्चा पैदल बहादुरपुर गांव कैसे पहुंच गया।