ददरौल विधानसभा क्षेत्र के गांव परवेजपुर में बीती देर रात वोटरों को लुभाने के लिए रुपये बांटने के आरोप में सपा और भाजपा समर्थक आमने - सामने आ गए और दोनों ओर से असलहे निकाल लिए गए। हवाई फायरिंग भी हुई। सूचना पाकर मौके पर सीओ और तिलहर कोतवाल फोर्स लेकर पहुंचे और लाठी फटकारते हुए दोनों पक्षों को वहां से हटाया। देर रात को ही सपा समर्थक की तहरीर पर भाजपा प्रत्याशी के पुत्र अरविंद सिंह समेत 20 लोगों के खिलाफ मारपीट, जान से मारने की नीयत से फायर करने आदि का केस दर्ज कर लिया गया। घटनास्थल तिलहर थाना क्षेत्र में था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार देर रात ददरौल विधान सभा क्षेत्र के गांव परवेजपुर में सपा प्रत्याशी राममूर्ति सिंह वर्मा अपने समर्थकों के साथ गांव के रिटायर सूबेदार इंद्रपाल सिंह के घर पर अस्पताल से आई उनकी पत्नी को देखने पहुंचे थे। उसी दौरान भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह के पुत्र अरविंद सिंह अपने समर्थकों के साथ वहां पहुंच गये और सपा प्रत्याशी व उनके समर्थकों पर गांव में मतदाताओं को रुपये बांटने का आरोप लगाया। उसी बात पर दोनों पक्षों के समर्थकों के बीच विवाद शुरू हुआ। विवाद बढ़ जाने पर दोनों पक्षों की ओर से असलहे निकल आए तथा हवाई फायरिंग भी हुई। सूचना पर सीओ मनोज कुमार व कोतवाल दयाचंद्र शर्मा पुलिस बल सहित गांव पहुंच गए तथा दोनों पक्षों के समर्थकों पर लाठियां फटकारकर भगा दिया। कोतवाल दयाचंद्र शर्मा ने बताया कि सपा समर्थक गांव कल्यानपुर निवासी भूपेंद्र सिंह की ओर से थाने पर भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह के पुत्र अरविंद सिंह, प्रत्याशी के भाई संजय सिंह, प्रत्याशी के साले राजवर्धन व हर्षवर्धन, गांव खानपुर के प्रधान आदित्य और खानपुर के कोटेदार उमेश सहित 20 अज्ञात लोगों के विरुद्ध आईपीसी की धारा 147, 148, 149, 452, 504, 506 और 307 के तहत मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्यवाही की जा रही है।
हार की आशंका में मंत्री ने फर्जी केस कराया : मानवेंद्र
अपने बेटे, भाई, साले और समर्थकों के खिलाफ तिलहर थाने में सपा समर्थक की ओर से दर्ज कराए गए एफआईआर पर ददरौल से भाजपा प्रत्याशी मानवेंद्र सिंह ने मंगलवार को कहा कि इस चुनाव में हार तय देख वोटरों की सहानुभूति बटोरने के लिए राज्यमंत्री की ओर से फर्जी केस कराया है। पुलिस भी सत्ता के दबाव में है। सच्चाई यह है कि ददरौल में भाजपा प्रत्याशी के चुनाव अभिकर्ता डीपीएस राठौर सोमवार शाम से ही लगातार घंटे भर में कइयों बार की गई शिकायत पर पुलिस आब्जर्बर खानपुर गांव पहुंची थी और मंत्री के समर्थकों के आठ गाड़ियों को पकड़ा था। बाद रहस्यमय ढंग से फायरिंग की झूठी कहानी गढ़ कर गलत केस दर्ज किया गया।