मोहम्मदी थाना क्षेत्र के गांव खजुरिया के कुछ लोग नीलगाय का पीछा करते हुए पुवायां थाना क्षेत्र में आ गए और उसे मार डाला। नीलगाय को तांगे पर लादकर ले जाते समय गांव बहादुरपुर बुजुर्ग के लोगों ने रोकने का प्रयास किया तो शिकारियों ने फायरिंग कर दी। कुछ ही देर में दोनों गांवों के लोग आमने-सामने आ गए। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों से बात कर मामले को शांत किया। पुलिस ने नीलगाय के शव को कब्जे में लेने के बाद तांगा चालक को हिरासत में ले लिया है।
रविवार को दोपहर के समय खीरी जनपद के मोहम्मदी थाने के गांव खजुरिया के कुछ लोग नीलगाय का पीछा करते हुए पुवायां थाने की सीमा में आ गए और गोली मारकर घायल कर दिया। इसके बाद शिकारियों ने नीलगाय की गर्दन काट दी और शव को तांगे पर ले जाने लगे। जानकारी पाकर गांव बहादुरपुर बुजुर्ग के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और तांगे को रोकने का प्रयास किया। जिस पर शिकारियों ने गांव के लोगों पर फायरिंग कर दी। फायरिंग होने पर आसपास के कई गांवों के लोग मौके पर पहुंचे तो शिकारी भाग खड़े हुए। उधर, शिकारियों ने भी सूचना गांव में भेज दी, जिससे खजुरिया के भी तमाम लोग असलहों से लैस होकर सीमा पर आ डटे। मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो सीओ उमेश शर्मा और कोतवाली प्रभारी अशोक कुमार सिंह ने मौके पर पहुंचकर दोनों गांवों के लोगों से वार्ता करते हुए मामले को शांत किया। इसके बाद नीलगाय का शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। कोतवाली प्रभारी अशोक सिंह ने बताया कि गांव बहादुरापुर बुजुर्ग के दिनेश मिश्रा की ओर से गांव खजुरिया के वसीम, मुस्सदिर, गुफरान, नौरख, फरमोद, कासिम के खिलाफ नीलगाय की हत्या में रिपोर्ट दर्ज कर ली है। पुलिस ने कासिम को गिरफ्तार कर लिया है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
शिकारियों ने मार डाले दो जंगली सुअर
खुटार। गांव बिजौरा बिजौरिया के पास गोमती नदी के किनारे बंडा क्षेत्र के शिकारियों ने रविवार को दो जंगली सुअर मार डाले। एक मोर के भी मारे जाने की चर्चा है। जानकारी होने पर गांव के लोगों ने शिकारियों को दौड़ाया तो वह सुअर लेकर भाग निकले। रविवार को गांव बिजौरा बिजौरिया के लोगों को जानकारी मिली कि नदी के किनारे कुछ लोगों ने दो जंगली सुअर मार दिए हैं। गांव के तमाम लोग मौके पर पहुंचे और शिकार करने वालों को ललकारा तो वह मृत सुअर वाहन में डालकर भाग निकले। गांव के लोगों का कहना है कि शिकारियों ने एक मोर भी मारा है।
आरोप है कि पुलिस और वनकर्मियों को मामले की जानकारी दी गई, लेकिन किसी ने भी मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। इससे लोगों में रोष है। इस मामले में रेंजर एसएन यादव का पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। पुलिस ने शिकार की जानकारी से इंकार किया है।