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डकैती के आरोपी के घर बावरिया गैंग ने डाला डाका 

Wed, 19 Apr 2017 11:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो पुवायां। 
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डाका - फोटो : अमर उजाला
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दिउरिया हर्रैया में वारदात, महिलाओं और लड़कियों को बेरहमी से पीटा, दो की हालत गंभीर
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 पीड़ित पक्ष भी बावरिया गिरोह से जुड़ा बताया जा रहा
 नगदी, जेवर सहित छह लाख की संपत्ति ले गए बदमाश
पीड़ित के ही वाहन से भागे, बाद में रास्ते में छोड़ा

डकैती के आरोप में परिवार समेत पकड़े जा चुके देवी सिंह के गांव दिउरिया हर्रैया स्थित घर में बावरिया गैंग के दस बदमाशों ने डाका डाल दिया। बदमाश नगदी, जेवर सहित लगभग छह लाख रुपये की संपत्ति लूट ले गए। इस दौरान महिलाओं और लड़कियों की बेरहमी से पिटाई की गई। गृहस्वामी की पत्नी और बहन को ज्यादा चोटें आने के कारण उन्हें पुवायां सीएचसी ले जाया गया जहां से उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। आरोपी भी बावरिया गैंग से जुड़ा बताया जा रहा है। वारदात के पीछे रंजिश और लूट के माल का बंटवारा वजह बताई जा रही है। पीड़ित पक्ष ने अपने दामाद समेत तीन को नामजद तथा सात अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस लूट की घटना को संदिग्ध मान रही है। 
गांव दिउरिया हर्रैया निवासी देवी सिंह का गांव से दूर खेत में फार्म है। मंगलवार शाम परिवार के सभी लोग खाना खाने के बाद सो गए। रात लगभग 12 बजे छह सशस्त्र बदमाश दीवार फांदकर देवी सिंह के घर घुस गए, चार बदमाश बाहर खड़े रहे। देवी सिंह और उनके परिवार के लोग दो कमरों में अंदर सो रहे थे। डकैतों ने खुद को पुलिस वाले बताते हुए पूछताछ की बात कह कर दोनों कमरे खुलवा लिए और नगदी, जेवर के बारे में पूछताछ शुरू कर दी। जानकारी नहीं मिलने पर डकैतों ने देवी सिंह, उनकी पत्नी विमला देवी, बहन सावित्री देवी, पुत्री पूजा (22), पूनम (18), मधु (16), प्रीति (12) और कोमल (6) को जमकर पीटा। इसके बाद भी जानकारी नहीं मिली तो बदमाशों ने लड़कियों को एक कमरे में बंद कर दिया। देवी सिंह और उनकी पुत्री विमला देवी को दूसरे कमरे में ले गए और पिटाई की। इससे विमला देवी टूट गईं और रसोई केे पास जमीन में गड़ा जेवर बता दिया। डकैतों ने जमीन खोद कर जेवर निकाल लिया। इसके अलावा घर में रखी 20 हजार की नगदी, लड़कियों के जेवर आदि भी लूट लिए। 
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लगभग चार घंटे तक तांडव मचाने के बाद डकैत नगदी, जेवर सहित छह लाख रुपये की संपत्ति लूट कर देवी सिंह की ही लग्जरी गाड़ी से भाग निकले। भागने से पूर्व बदमाश परिवार के सभी लोगों को कमरों में बंद कर गए। सुबह देवी सिंह खिड़की तोड़कर बाहर निकला और प्रधान रामनाथ को मामले की जानकारी दी। प्रधान ने मामले की सूचना पुलिस को दी तो हड़कंप मच गया। यूपी-100 और कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। बदमाशों की तलाश करते समय घटना स्थल से दो किमी दूर देवी सिंह की गाड़ी खड़ी मिल गई। देवी सिंह के अनुसार उनका अपने दामाद राजस्थान के जिला भरतपुर के थाना कुमभेर के गांव सावईराम का नगला निवासी रूबी सिंह से विवाद चल रहा है। उन्होंनेे दामाद रूबी सिंह, उनके भाई सियाराम और पुवायां के गांव दिउरिया के रवि को नामजद करते हुए कई अज्ञात बदमाशों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुवायां के कोतवाली प्रभारी अशोक पाल सिंह का कहना है कि घटना में केवल मारपीट हुई है। लूट की बात संदिग्ध है। एएसपी देहात रमेश कुमार भारतीय ने बताया कि पुलिस की दो टीमें बनाकर घटना का खुलासा करने और बदमाशों को गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए हैं।
 

विमला के जख्मों पर डाली पिसी लाल मिर्च
पुवायां। डकैतों ने विमला देवी और उनकी ननद सावित्री को सबसे ज्यादा पीटा है। विमला देवी के साथ तो क्रूरता की सभी सीमाएं तोड़ते हुए पिटाई की गई। बदमाशों ने उन्हें रोने भी नहीं दिया। अस्पताल में विमला ने बताया कि बदमाश लोहे ही राड, डंडों से उसे पीटते हुए धमकी दी कि जरा भी आवाज निकाली तो उसे और लड़कियों को गोली मार देंगे। डकैतों ने आधा घंटे तक उसके साथ जुल्म की इंतेहा कर दी। पिटाई से बने जख्मों पर बदमाशों ने लाल मिर्च लगा दी। भारी शारीरिक पीड़ा के बाद भी लड़कियों की खातिर उसने मुंह से उफ तक नहीं निकलने दी। डकैत चार घंटे तक घर में तांडव मचाते रहे और लूटपाट के साथ ही परिवार के लोगों को पीटते रहे। 

 
देवीसिंह का पुत्र, पत्नी, बहन आदि बावरिया गैंग के सक्रिय सदस्य हैं और प्रदेश भर में घूमकर लूट की घटनाओं को अंजाम देते हैं। लग रहा है कि बंटवारे के विवाद में घटना हुई है। लखनऊ में यह लोग पकड़े भी गए थे, वहां से डिटेल ली जा रही है। सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। 
- रमेश कुमार भारतीय, एएसपी शाहजहांपुर

देवी सिंह और उसका परिवार डकैती में जा चुका जेल 
 लखनऊ पुलिस ने सितंबर में पकड़ा था बावरिया गैंग
बकौल पुलिस बंटवारे को लेकर गिरोह के लोगों का हो सकता है घटना में हाथ
गांव दिउरिया हर्रैया में जिस देवी सिंह के घर डकैती की घटना हुई है, उनकी पत्नी पुत्र सहित परिवार के कई लोग सितंबर में बावरिया गिरोह में पकड़े गए थे औैर उन्हें जेल भेजा गया था।  
लखनऊ पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम ने दो सितंबर 16 को बावरिया गैंग के 15 सदस्यों को पकड़ा था। इसमें आठ महिलाएं भी शामिल थीं। गिरोह के लोग डेढ़ माह से लखनऊ में रहकर डकैती की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। इस दौरान चार बदमाश भाग निकले थे। गिरोह के लोगों ने लखनऊ के डीएफओ अशोक शुक्ला के घर सहित तीन जगह डकैती और चोरी की चार घटनाओं में हाथ होना कबूल किया था। पकड़े गए बदमाशों में हरिद्वार, राजस्थान के अलवर और पुवायां के गांव हर्रैया के डकैत शामिल थे। पुवायां के गांव हर्रैया के देवी सिंह के पुत्र केपी सिंह, पत्नी विमला देवी, बहन सावित्री देवी, शादीशुदा पुत्री सोनी को गिरोह के लोगों के साथ पकड़कर जेल भेजा गया था। लखनऊ पुलिस से मुठभेड़ के दौरान चार बदमाश भाग निकले थे। जिसमें पुवायां के गांव हर्रैया के धारा सिंह को बाद में पकड़ लिया गया था। पुलिस यह मानकर चल रही है कि गिरोह के लोग जमानत पर छूट चुके हैं। गिरोह पकड़े जाने के दौरान कुछ लोग भाग निकले थे। हो सकता है कि लूट के पूरे माल का बंटवारा न हो सका हो और इसी कारण बदमाशों ने देवी सिंह के घर धावा बोला हो। 
 
देवी सिंह का दामाद से यह है विवाद
देवी सिंह ने अपने दामाद रूबी सिंह, उसके भाई सियाराम, चाचा रवि को डकैती में नामजद कराया है। देवी सिंह के अनुसार उसने अपनी पुत्री खुशबू की शादी रूबी सिंह से की थी। समधी उसकी पुत्री पर गलत नजर रखता था, जिस कारण पुत्री उसके पास चली गई। एक वर्ष पूर्व उसने पुत्री को समझा बुझाकर ससुराल भेज दिया। ससुराल से पुत्री कुछ ही दिन बाद लापता हो गई। उसका आज तक कोई पता नहीं चला है। दामाद उस पर ही पुत्री को गायब कर दूसरी जगह शादी कर देने का शक करता है। दामाद का कहना है कि खुशबू घर से कई लाख का जेवर भी ले गई थी। इस मामले में दामाद ने राजस्थान केे थाना कुमभेर में उसके खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। दामाद ने अपने साथियों को लाकर रंजिश घटना को अंजाम दिया है। 
 
पुवायां क्षेत्र में ही छिपे हो सकते हैं बदमाश
डकैती के मामले में देवी सिंह ने भले ही दामाद सहित तीन लोगों को नामजद कराते हुए रिपोर्ट दर्ज करा दी हो, लेकिन पुलिस पूछताछ में ऐसा लगता है कि वह कोई खास बात छिपा रहा है। वह पुलिस के कई सवालों का जवाब घुमा फिरा कर दे रहा है। एएसपी ने पुलिस टीमों को क्षेत्र में रवाना कर निर्देश दिए कि उनकी प्राथमिकता लूटे गए जेवर को बरामद करना है। देरी होने पर जेवर बेचा जा सकता है। इस पर देवी सिंह ने कहा कि पहले घटना में शामिल लोग पकड़े जाने चाहिए, जेवर नहीं बेचा जाएगा। बड़ा सवाल है कि देवी सिंह को कैसे पता है कि जेवर नहीं बेचा जाएगा? एक सवाल और है कि देवी सिंह को डकैतों ने एक दो डंडे ही मारे हैं, जबकि उनकी पत्नी विमला देवी को बेरहमी से पीटा गया है। उसकी पिटाई क्यों नहीं की गई, इसका भी सही जवाब नहीं मिल रहा है। देर शाम तक देवी सिंह का पुत्र केपी सिंह भी घर और थाने नहीं पहुंचा था। पुलिस ने देवी सिंह से कहा है कि वह अपने पुत्र को बुलाए। 
 
लड़कियों ने क्यों नहीं पहचाना
देवी सिंह का कहना है कि डकैती को उसके दामाद आदि ने साथियों सहित अंजाम दिया है, लेकिन देवी सिंह की लड़कियों ने बदमाशों को पहचाने जाने से साफ इंकार कर दिया है। देवी सिंह की पुत्री पूनम, पूजा, मधु घटना के बारे में बताते हुए बदमाशों की क्रूरता को याद करके कांप उठती हैं। उनका कहना है कि बदमाश बिल्कुल राक्षसों वाला काम कर रहे थे। वह उन लोगों को बेरहमी से पीट रहे थे और अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहे थे। उनकी मां को तो दुश्मन की तरह पीटा गया है। 
 

क्रूरता से लूट अंजाम देता हैं बावरिया गैंग 
तमाम दिनों तक की जाती है रेकी, इसके बाद देते हैं वारदात को अंजाम
बावरिया गैंग के लोग बेहद दुर्दांत तरीके से वारदातों को अंजाम देते हैं। गिरोह अधिकतर डकैती और चोरी की घटनाओं को अंजाम देता है। डकैती के दौरान लोगों के साथ मारपीट और खूनखराबा करना भी इस गिरोह की खास पहचान है। डकैती में बड़ा माल हाथ लगने के बाद गिरोह के लोग पर्यटन स्थलों आदि में जाकर महंगे होटलों में रुकते हैं और खूब पैसा उड़ाते हैं। 
बावरिया गैंग के तार उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश में रहते हैं। गिरोह में तमाम महिलाएं भी शामिल हैं। वे डकैती आदि में गिरोह के पुरुष सदस्यों की भरपूर मदद करती हैं। पुलिस ने बताया कि गिरोह केे लोग बड़े शहरों को निशाना बताने हैं या फिर देहात के धनाढ्य लोगों को। कस्बों में यह लोग वारदात कम ही अंजाम देते हैं। बड़े शहरों में गिरोह की खूबसूरत महिलाएं खिलौने आदि बेचने का दिखावा करती हैं और धनाढ्य परिवार को निशाना बनाती हैं। इनका निशाना घर के अधेड़ लोग होते हैं, जिन्हें यह प्रेमजाल में फंसाकर घर का सारा राज जान लेती हैं और फिर गिरोह के पुरुष सदस्यों को पूरी जानकारी मुहैया करा देती हैं। इसके बाद गिरोह केे लोग घर में घुस लूटपाट को अंजाम देकर नगदी, जेवर लेकर खिसक लेते हैं। गिरोह के पुरुष सदस्य बाल, दाढ़ी आदि बढ़ाकर बाबा जैसे बने रहते हैं। वे दिन में भीख मांगने से लेकर गुब्बारे आदि तक बेच लेते हैं। लूट के बाद इनकी जिंदगी बदल जाती है। गिरोह की महिलाएं और पुरुष सदस्य हुलिया बदलकर मार्डन दिखने लगते हैं और होटलों में जमकर ऐश करते हैं। गिरोह के सदस्य अपने घर पर वर्ष भर में एक दो बार ही आते हैं। 
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बावरिया गैंग के लोगों के कारण चर्चा में है हर्रैया गांव
पुवायां का हर्रैया गांव बावरिया गैंग के लोगों के कारण चर्चा में रहता है। इस गांव में कुछ लोगों के पास नाम मात्र की भी जमीन नहीं है, लेकिन आलीशान कोठियां और घरों में कंबाइन खड़ी हुई हैं। आसपास के लोग बताते हैं कि गैंग के लोग पुवायां और आसपास वारदातें नहीं करते हैं। 
 
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