एक माह पहले गांव सरही में वेदप्रकाश मिश्रा की हत्या उसके पोते ने ही संपत्ति न बेचने पर की थी। बचने के लिये हत्यारे ने घटना को दुर्घटना का रूप देने की कोशिश भी की थी। उसकी चालाकी काम नहीं आई और पुलिस की नजरों से बच नहीं पाया। सोमवार देर रात हत्यारे पोते को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने वारदात कबूल कर हत्या में प्रयुक्त अंगोछा भी बरामद करा दिया। रोजा थाना क्षेत्र के सरही गांव में 22 जनवरी की सुबह वेदप्रकाश मिश्रा निवासी शहरूवा थाना मझिला जिला हरदोई का शव गांव के बाहर एक नाले से बरामद हुआ था। पहली नजर में मामला गिरने से आई चोटों से मौत का प्रतीत हो रहा था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण गला घोंटने से होना पाया गया। इसके बाद से पुलिस खुलासे में लग गई। मामले की जांच कर रहे प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन खां का शक मृतक के परिवारीजनों पर ही था। एक माह तक अपना जाल बिछाये बैठी पुलिस ने सोमवार रात को मृतक के पोते रवि मिश्रा को हिरासत में लिया और सख्ती से पूछताछ की तो राज खुल गया। आरोपी रवि ने पुलिस को बताया कि उसके पिता संतोष की मौत करीब 16 साल पहले हो गई थी और वह अपने ननिहाल गांव सरही थाना रोजा में अपनी मां के साथ रहता था। बीते 18 जनवरी को उसके बाबा वेदप्रकाश मिश्रा उसके यहां आये थे। वह बाबा पर खेती की जमीन बेचने का दबाव बना रहा था लेकिन वह तैयार नहीं थे । पुलिस के अनुसार 22 जनवरी को शौच जाते समय रवि ने मौका पाकर अपने बाबा वेदप्रकाश मिश्रा का अंगोछे से गला कसकर हत्या कर दी और पुलिस को गुमराह करने के लिये शव को नाले में फेंक दिया। इससे शव पर चोटें आई थीं। मंगलवार की सुबह पुलिस ने रवि की निशानदेही पर हत्या के उपयोग में लाया गया अंगोछा भी बरामद कर लिया। कोर्ट में पेश किए जाने पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।